नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़: 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले केंद्र की एनडीए सरकार में संभावित कैबिनेट फेरबदल को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के हवाले से सामने आ रही जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री की अगुवाई वाली सरकार में कई मंत्रियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया जा सकता है, जबकि कुछ नए चेहरों को भी मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आगामी विधानसभा चुनावों और संगठनात्मक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भाजपा नेतृत्व मंत्रिपरिषद में व्यापक बदलाव पर विचार कर रहा है। माना जा रहा है कि फेरबदल के दौरान करीब एक दर्जन मंत्रियों के विभागों में बदलाव या नई नियुक्तियां देखने को मिल सकती हैं।
कुछ मंत्रियों की हो सकती है विदाई
सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट स्तर के दो मंत्रियों और कुछ राज्य मंत्रियों को सरकार से बाहर किया जा सकता है। इसके अलावा एक वरिष्ठ नेता को संगठन में अहम जिम्मेदारी देने की भी चर्चा है, खासकर दक्षिण भारत में पार्टी विस्तार की रणनीति के तहत उन्हें नई भूमिका सौंपी जा सकती है।
हालांकि सरकार या भाजपा की ओर से अभी तक किसी भी संभावित फेरबदल को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सहयोगी दलों को मिल सकता है बड़ा प्रतिनिधित्व
एनडीए के सहयोगी दलों को मंत्रिमंडल में अधिक प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना भी जताई जा रही है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि जनता दल (यूनाइटेड), तेलुगु देशम पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और राष्ट्रीय लोक मोर्चा जैसे सहयोगी दलों को नई कैबिनेट में जगह मिल सकती है।
विशेष रूप से बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar की पार्टी और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री N. Chandrababu Naidu की पार्टी को अतिरिक्त प्रतिनिधित्व मिलने की अटकलें लगाई जा रही हैं। अधिकांश सहयोगी नेताओं को राज्य मंत्री के रूप में शामिल किए जाने की संभावना बताई जा रही है।
संगठन में भेजे जा सकते हैं कुछ वरिष्ठ नेता
रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्यसभा का कार्यकाल पूरा कर रहे कुछ वरिष्ठ नेताओं को सरकार से संगठन में भेजा जा सकता है। साथ ही 70 वर्ष से अधिक आयु वाले कुछ राज्यसभा सदस्यों के स्थान पर नए चेहरों को अवसर देने पर भी विचार किया जा रहा है।
भाजपा के विभिन्न मोर्चों में सक्रिय नेताओं को पहली बार केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।
इन मंत्रालयों में बदलाव की अटकलें
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार रेलवे, वित्त, कॉर्पोरेट मामलों, कोयला, वस्त्र, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी, ग्रामीण विकास, रसायन एवं उर्वरक, सहकारिता, मत्स्य पालन, जल शक्ति, कृषि, पर्यावरण और कानून मंत्रालयों में बदलाव की संभावना को लेकर चर्चा चल रही है।
हालांकि इन संभावित परिवर्तनों को लेकर अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
18 जून को राज्यसभा चुनाव
18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव में कई राज्यों की 26 सीटों पर मतदान होगा। इनमें आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक की चार-चार सीटें, मध्य प्रदेश और राजस्थान की तीन-तीन सीटें, झारखंड की दो सीटें तथा मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम की एक-एक सीट शामिल हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र और तमिलनाडु में एक-एक सीट पर उपचुनाव भी होना है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव के परिणाम और आगामी चुनावी रणनीति को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण बदलाव कर सकती है।



