नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़: पंजाब के लुधियाना रेलवे स्टेशन पर एक स्पेशल ट्रेन के स्लीपर कोच में आई तकनीकी खराबी को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर घटना का वीडियो साझा करते हुए भाजपा के “डबल इंजन सरकार” के नारे पर कटाक्ष किया।
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में लिखा कि “डबल इंजन” का दावा करने वाली सरकार में अब डिब्बे भी टूटकर “डबल” हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों में कथित भ्रष्टाचार और घटिया गुणवत्ता के कारण ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के जाने के बाद ही देश की प्रगति दोबारा सही दिशा में आगे बढ़ सकेगी।
स्टेशन से रवाना होते समय हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, नई दिल्ली से श्री माता वैष्णो देवी कटरा जा रही एक विशेष ट्रेन शनिवार सुबह लुधियाना रेलवे स्टेशन से रवाना हो रही थी। इसी दौरान तकनीकी खराबी के चलते स्लीपर कोच के शौचालय के समीप का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और कोच का एक भाग आंशिक रूप से अलग दिखाई देने लगा।
‘डबल इंजन’ का दावा करनेवालों की सरकार में डिब्बे ही टूटकर ‘डबल’ हो रहे हैं।
ये तो पहले ही कहा जा रहा था कि भाजपा में सिर्फ़ डबल इंजन ही नहीं डिब्बे भी टकरा रहे हैं। अब लुधियाना से आया ये वीडियो सारा सच बयां कर रहा है। भाजपा का भ्रष्टाचार ही हर चीज़ के निर्माण में घटिया क्वॉलिटी… pic.twitter.com/tOPKJ1mz4P
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) June 7, 2026
घटना के समय यात्रियों को तेज झटका महसूस हुआ, जिससे कोच में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया गया कि शौचालय का कुछ हिस्सा टूटकर रेलवे ट्रैक पर भी गिर गया।
यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया
हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारी और आपातकालीन टीम मौके पर पहुंची। प्रभावित कोच में मौजूद सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर दूसरे डिब्बों में स्थानांतरित किया गया। बाद में क्षतिग्रस्त कोच को ट्रेन से अलग कर दिया गया।
रेलवे अधिकारियों ने ट्रेन में एक वैकल्पिक कोच जोड़ने के बाद उसे कटरा के लिए रवाना कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, इस प्रक्रिया के कारण ट्रेन के संचालन पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ा।
जांच के आदेश
रेलवे प्रशासन ने घटना की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में किसी प्रकार की साजिश या तोड़फोड़ के संकेत नहीं मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी कारणों की गहन जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह की खराबी ट्रेन के उच्च गति से चलने के दौरान सामने आती, तो स्थिति अधिक गंभीर हो सकती थी।



