न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में एक कथित वीडियो को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। औरंगाबाद थाना क्षेत्र के ओलीना गांव में स्थित हनुमान मंदिर परिसर में नमाज अदा किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
निर्माण कार्य के दौरान हुई घटना
पुलिस के अनुसार, ओलीना गांव निवासी राजकुमार के मकान का निर्माण कार्य चल रहा था। इस काम में पड़ोसी गांव जहरा के कुछ राजमिस्त्री और मजदूर लगे हुए थे। बताया जा रहा है कि दोपहर के समय अधिकांश मजदूर भोजन के लिए चले गए थे, जबकि एक राजमिस्त्री मंदिर परिसर की ओर पहुंच गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसी दौरान उसने मंदिर परिसर में नमाज अदा की। उस समय क्षेत्र में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो रही थी। घटना के दौरान उसके साथ एक अन्य व्यक्ति भी मौजूद था।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद गांव में चर्चा और नाराजगी का माहौल बन गया। कुछ ग्रामीणों ने इस घटना पर आपत्ति जताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।
सूचना मिलने के बाद औरंगाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। पुलिस ने संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ शुरू कर दी है।
धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप
जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने तथा उपासना स्थल की पवित्रता से जुड़े आरोप सामने आए हैं। इन्हीं आरोपों के आधार पर संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। वायरल वीडियो की सत्यता, घटना की वास्तविक परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अफवाहों से बचने की अपील
प्रशासन ने लोगों से सोशल मीडिया पर अपुष्ट जानकारी साझा करने से बचने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में नजर रखी जा रही है और जांच पूरी होने के बाद तथ्य सार्वजनिक किए जाएंगे।
Disclaimer: यह समाचार पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी और स्थानीय स्तर पर सामने आए दावों पर आधारित है। वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।