UP News: सहारनपुर पुलिस ने कैराना से सपा सांसद इकरा हसन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है| इसको लेकर अब इकरा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है| सहारनपुर पुलिस की कार्रवाई के बाद सपा सांसद ने कहा कि वह मुकदमों से डरने वाली नहीं हैं और गरीबों व पीड़ितों की आवाज उठाती रहेंगी।
उन्होंने कहा, “अगर प्रशासन को लगता है कि मुकदमे दर्ज करके हमें दबा देगा तो कान खोलकर सुन ले, हम डरने वाले नहीं हैं। इंसाफ की लड़ाई पूरी मजबूती से जारी रहेगी।”
पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने का लगाया आरोप
मामला 21 अप्रैल को सहारनपुर डीआईजी कार्यालय के बाहर हुए धरना-प्रदर्शन से जुड़ा है। पुलिस ने 21 मई को कैराना सांसद इकरा हसन, एक पूर्व मंत्री और 20-25 अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और अव्यवस्था फैलाने के आरोप में केस दर्ज किया।
बताया जा रहा है कि इकरा हसन शामली के जसाला गांव निवासी मोनू कश्यप हत्याकांड में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर डीआईजी कार्यालय पहुंची थीं। इस दौरान पुलिस प्रशासन और सांसद के बीच तीखी बहस भी हुई थी।
‘गरीब इंसाफ मांगता है तो उसी पर कार्रवाई होती है’
इकरा हसन ने आरोप लगाया कि गरीब और कमजोर वर्ग की आवाज दबाई जा रही है। उन्होंने कहा कि अमीर लोगों की शिकायतें तुरंत सुनी जाती हैं, लेकिन जब गरीब इंसाफ मांगते हैं तो उन पर ही कार्रवाई शुरू हो जाती है।
सपा सांसद ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग न्याय की मांग कर रहे हैं, उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।
डीआईजी कार्यालय के बाहर हुआ था हंगामा
इकरा हसन मृतक मोनू कश्यप की मां विमलेश देवी के साथ सहारनपुर डीआईजी कार्यालय पहुंची थीं। सांसद का आरोप है कि प्रशासन ने पीड़ित मां की बात सुनने के बजाय उन्हें अपमानित कर बाहर निकाल दिया।
उन्होंने कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वह पीछे नहीं हटेंगी। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें कुछ समय के लिए हिरासत में भी लिया था।
अखिलेश यादव से मिलीं पीड़ित मां
इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। Akhilesh Yadav से मुलाकात के लिए इकरा हसन पीड़ित परिवार को लेकर लखनऊ पहुंची थीं।
बताया गया कि अखिलेश यादव ने मृतक मोनू कश्यप की मां को न्याय दिलाने का भरोसा दिया और दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की। इस दौरान Dimple Yadav भी मौजूद रहीं।
हत्या के बाद कश्यप समाज में नाराजगी
शामली के जसाला जंगल में मोनू कश्यप की धारदार हथियार से हत्या के बाद इलाके में भारी आक्रोश है। घटना के विरोध में लोगों ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे जाम कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी।
अब इकरा हसन पर एफआईआर दर्ज होने के बाद कश्यप समाज में नाराजगी और बढ़ गई है। पीड़ित परिवार का कहना है कि अब तक मामले में सख्त कार्रवाई नहीं हुई और हत्यारों के खिलाफ उचित धाराएं भी नहीं लगाई गई हैं।



