न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़: Tamil Nadu में नई सरकार के गठन को लेकर जारी सियासी सस्पेंस अब खत्म हो गया है। Joseph Vijay ने बहुमत का आंकड़ा जुटाने के बाद शुक्रवार को राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। इसके बाद राज्यपाल ने उन्हें सरकार गठन की मंजूरी दे दी। अब विजय शनिवार, 9 मई को सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
तीसरी मुलाकात में बनी बात
पिछले तीन दिनों में विजय की राज्यपाल Rajendra Vishwanath Arlekar से यह तीसरी मुलाकात थी। इससे पहले हुई दोनों बैठकों में राज्यपाल ने उनसे बहुमत साबित करने के लिए जरूरी समर्थन जुटाने को कहा था।
शुरुआत में केवल Indian National Congress ने TVK को समर्थन दिया था। लेकिन बाद में Communist Party of India (CPI), Communist Party of India (Marxist) (CPM), Viduthalai Chiruthaigal Katchi (VCK) और Indian Union Muslim League (IUML) ने भी विजय की पार्टी को समर्थन देने का ऐलान कर दिया।
इन दलों के समर्थन के बाद विजय के पास कुल 120 विधायकों का समर्थन हो गया, जो बहुमत के आंकड़े से अधिक है।
भाजपा को रोकने के लिए समर्थन
वामपंथी दलों CPI और CPM ने कहा कि उन्होंने भाजपा को “पिछले दरवाजे” से सत्ता में आने से रोकने के लिए TVK को समर्थन देने का फैसला किया है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के अधिकारों और अन्य मुद्दों पर वे आगे भी Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) के साथ बने रहेंगे।
वाम दलों ने यह भी साफ किया कि वे विजय सरकार में शामिल नहीं होंगे और बाहर से समर्थन देंगे।
विधानसभा में क्या है संख्या बल?
234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत होती है। चुनाव में TVK 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी।
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हालांकि निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार विजय को अपनी जीती हुई दो सीटों—पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट—में से एक सीट छोड़नी होगी। इसके बावजूद सहयोगी दलों के समर्थन से सरकार बनाने का रास्ता साफ हो गया है।
तमिलनाडु की राजनीति में नया दौर
अभिनेता से नेता बने विजय की यह राजनीतिक सफलता तमिलनाडु की राजनीति में बड़े बदलाव के रूप में देखी जा रही है। लंबे समय तक राज्य की राजनीति पर हावी रहे DMK और AIADMK के बीच अब TVK ने मजबूत जगह बना ली है।
अब सबकी नजर शनिवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह और विजय की नई सरकार की पहली प्राथमिकताओं पर टिकी है।



