न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर जारी राजनीतिक अनिश्चितता के बीच बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया है। राज्य सरकार की ओर से अदालतों में पैरवी करने वाले 100 से अधिक विधि अधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले West Bengal में भी सत्ता परिवर्तन के बाद कई अधिकारियों ने पद छोड़े थे।
जानकारी के मुताबिक, एडवोकेट जनरल P. S. Raman के नेतृत्व में कार्यरत इन विधि अधिकारियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा सौंपा है। माना जा रहा है कि राज्य में नई सरकार बनने की संभावना को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
सत्ता परिवर्तन के साथ बदलते हैं विधि अधिकारी
दरअसल, सरकारी वकीलों और विधि अधिकारियों की नियुक्ति काफी हद तक राजनीतिक प्रक्रिया से जुड़ी होती है। परंपरा के अनुसार जब भी किसी राज्य में नई सरकार बनती है, तब पिछली सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारी अपने पद छोड़ देते हैं, ताकि नई सरकार अपने भरोसेमंद और पसंदीदा वकीलों की नियुक्ति कर सके।
फिलहाल काम जारी रखेंगे अधिकारी
हालांकि इस्तीफा देने के बावजूद सभी विधि अधिकारियों को फिलहाल एक सप्ताह तक अपने पद पर बने रहने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार नहीं चाहती कि अदालतों में राज्य का पक्ष रखने के लिए कोई प्रतिनिधि न रहे।
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सूत्रों के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में नई सरकार अंतरिम व्यवस्था के तहत कुछ वरिष्ठ वकीलों की नियुक्ति कर देती है, लेकिन इस बार सरकार गठन को लेकर जारी सस्पेंस के कारण अब तक कोई नई नियुक्ति नहीं की गई है।
एक विधि अधिकारी ने बताया कि राज्य को अदालतों में बिना प्रतिनिधित्व के नहीं छोड़ा जा सकता, इसलिए नई नियुक्तियां होने तक मौजूदा अधिकारी काम करते रहेंगे।
नियमों के अनुसार नई सरकार के शपथ लेने के बाद अपनी विचारधारा और पार्टी से जुड़े अनुभवी वकीलों को इन अहम पदों पर नियुक्त किया जाएगा। फिलहाल तमिलनाडु सरकार की ओर से अदालतों में पैरवी करने वाले 100 से अधिक अधिकारियों का भविष्य नई सरकार के गठन पर टिका हुआ है।



