न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अक्षय तृतीया 2026 से पहले सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों ने निवेशकों को बड़ा फायदा दिया है। पिछले 10 सालों में गोल्ड और सिल्वर दोनों की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली है।
Indian Bullion and Jewellers Association के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2016 में अक्षय तृतीया के समय 10 ग्राम सोने का भाव करीब 30,100 रुपये था, जो अब बढ़कर 1,51,358 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। इस तरह एक दशक में सोने की कीमत में करीब 400% का उछाल दर्ज किया गया है।
अगर किसी निवेशक ने 2016 में 10,000 रुपये का निवेश किया होता, तो उसकी वैल्यू आज लगभग 45,000 रुपये तक पहुंच जाती।
चांदी ने भी दिया जोरदार रिटर्न
चांदी की कीमतों में भी पिछले 10 सालों में भारी बढ़ोतरी हुई है। 2016 में जहां 1 किलो चांदी का रेट 41,200 रुपये था, वहीं अब यह बढ़कर 2,47,930 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है। यानी चांदी में करीब 2,06,730 रुपये की बढ़त दर्ज की गई है।
एक साल में 50% तक उछला सोना
सिर्फ लंबी अवधि ही नहीं, बल्कि पिछले एक साल में भी सोने ने शानदार रिटर्न दिया है। 2025 की अक्षय तृतीया पर जहां गोल्ड का भाव 95,500 रुपये प्रति 10 ग्राम था, वहीं अब यह 1.51 लाख रुपये के आसपास पहुंच चुका है। यानी एक साल में 50% से ज्यादा की तेजी देखने को मिली है।
आज का गोल्ड रेट (प्रति 10 ग्राम)
- 24 कैरेट: ₹1,51,358
- 23 कैरेट: ₹1,50,752
- 22 कैरेट: ₹1,38,644
- 18 कैरेट: ₹1,13,519
- 14 कैरेट: ₹88,544
हालांकि, हाल के दिनों में कीमतों में हल्की गिरावट भी आई है। 16 अप्रैल को सोने का भाव 1,53,305 रुपये था, जो अब करीब 2,000 रुपये घट चुका है।
रिकॉर्ड हाई से क्यों टूटा सोना?
इस साल एक समय सोने की कीमत 1.75 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार चली गई थी, लेकिन वहां से गिरावट देखने को मिली। विशेषज्ञों के अनुसार, डॉलर के मजबूत होने और निवेशकों की मुनाफावसूली की वजह से गोल्ड की कीमतों पर दबाव आया है।
निष्कर्ष:
अक्षय तृतीया जैसे शुभ मौके पर सोने-चांदी में निवेश परंपरा के साथ-साथ एक मजबूत निवेश विकल्प भी साबित हुआ है। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने से निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।



