नई दिल्ली/सर्वोदय:- कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में हाल ही में हुए कायराना आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान जाने के बाद भारत ने अब पाकिस्तान को करारा जवाब देने की तैयारी कर ली है। केंद्र सरकार ने पाकिस्तान को सिंधु जल समझौते के तहत मिलने वाले पानी की एक-एक बूंद को रोकने का रोडमैप तैयार कर लिया है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने साफ शब्दों में कहा है कि भारत अब पाकिस्तान को पानी नहीं देगा।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने साफ कहा कि पाकिस्तान का एक- एक बूंद पानी रोकने के लिए हम तीन योजनाओं पर काम कर रहे हैं. पाटिल ने कहा कि इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि पाकिस्तान को एक भी बूंद पानी न मिले. उन्होंने कहा कि इसके लिए हमारे पास एक दीर्घकालिक योजना, एक अल्पकालिक योजना और एक मध्यावधि योजना होगी. सूत्रों के अनुसार मिली जानकारी के अनुसार गृह मंत्री अमित शाह और जल शक्ति मंत्री पाटिल के बीच कई सुझावों पर चर्चा हुई. इससे साफ है कि पाकिस्तान को पानी न देने का फैसला जल्द ही एक वास्तविकता बन जाएगा.
इस हमले के बाद भारत ने सिर्फ कूटनीतिक ही नहीं, बल्कि सैन्य मोर्चे पर भी कमर कस ली है। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर का दौरा कर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की तथा भविष्य की कार्रवाई पर एक महत्वपूर्ण बैठक की. बैठक में सेना प्रमुख और उपराज्यपाल के अलावा सेना की उत्तरी कमान के चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल एम.वी. सुचिंद्र कुमार, सेना के उपप्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा और 15 कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल प्रशांत श्रीवास्तव शामिल हुए.
सेना प्रमुख जम्मू-कश्मीर स्थित विक्टर फोर्स और 15 कोर मुख्यालय भी गए. उन्हें मौजूदा स्थिति की जानकारी दी गई. सेना प्रमुख के इस दौरे में विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच एकीकरण और समन्वय की भी समीक्षा की गई. सेना प्रमुख ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से भी मुलाकात की. सेना प्रमुख ने राज्य के पुलिस महानिदेशक से भी मुलाकात कर आतंकी गतिविधियों और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मसलों पर चर्चा की।



