Friday, March 27, 2026

Buy now

spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

नए साल में योगी सरकार में बदलाव के संकेत, कैबिनेट से लेकर संगठन तक हो सकता है फेरबदल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- नए साल की शुरुआत के साथ ही उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में बदलाव की संभावनाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, सरकार और संगठन—दोनों स्तरों पर फेरबदल को लेकर मंथन चल रहा है। मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास पर एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

इस बैठक में हाल ही में नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी मौजूद थे। चर्चा है कि संगठनात्मक बदलावों के साथ-साथ पहले मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा और उसके बाद पार्टी संगठन में भी बड़े स्तर पर परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं।

पंकज चौधरी के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद यह माना जा रहा है कि वह संगठन में अपनी नई टीम तैयार कर सकते हैं। ऐसे में कुछ नेताओं को संगठन में जिम्मेदारी दी जा सकती है, जबकि कुछ चेहरों को सरकार में स्थान मिलने की संभावना है।

सूत्रों के अनुसार, इन बदलावों में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। फिलहाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष—दोनों ही पूर्वांचल क्षेत्र से आते हैं, ऐसे में पश्चिमी यूपी, अवध और बुंदेलखंड को बेहतर प्रतिनिधित्व देने की रणनीति बनाई जा रही है।

यह भी पढ़े:- Aaj Ka Rashifal 31 December 2025: साल के आखिरी दिन इन राशियों पर बरसेगा पैसा, 

बैठक में संगठन महामंत्री धर्मपाल भी मौजूद रहे। कैबिनेट विस्तार को लेकर अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व की सहमति के बाद लिया जाएगा। माना जा रहा है कि जनवरी के पहले सप्ताह में इस संबंध में आधिकारिक घोषणा हो सकती है, जबकि शपथ ग्रहण समारोह मकर संक्रांति के बाद आयोजित किया जाएगा।

इस अहम बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री—केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी शामिल हुए। साथ ही, संघ से भी इस पूरे मुद्दे पर राय-मशविरा किया गया है। बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलग-अलग नेताओं से व्यक्तिगत बातचीत भी की।

जानकारी के मुताबिक, वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष रहे भूपेंद्र चौधरी को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। वे जाट समुदाय से आते हैं और पश्चिमी यूपी में इस वर्ग का प्रभावी प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में कैबिनेट में उन्हें शामिल कर पार्टी सामाजिक संतुलन का संदेश देना चाहती है।

इसके अलावा, प्रस्तावित कैबिनेट विस्तार के जरिए समाजवादी पार्टी के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नैरेटिव को भी काउंटर करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

1,388FansLike
133FollowersFollow
621SubscribersSubscribe
- Advertisement -[cricket_score]

Latest Articles