न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बिहार के कई रैलियों में यह दावा किया कि यदि आगामी चुनावों में एनडीए फिर से सत्ता में लौटता है तो प्रदेश से घुसपैठियों को बाहर निकाला जाएगा और उनकी संपत्ति गरीबों में बाँट दी जाएगी।
दरभंगा, मुजफ्फरपुर और सारण जिलों में लगातार चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए, योगी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राजद के तेजस्वी यादव और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को “इंडिया गठबंधन का तीन बंदर” करार दिया और कहा कि ये बंदर सत्तारूढ़ एनडीए द्वारा किए जा रहे सभी अच्छे काम न देख पा रहे हैं, न सुन पा रहे हैं और न ही बोल पा रहे हैं।
उन्होंने कहा, “महात्मा गांधी के तीन बंदरों ने न कुछ देखा, न सुना और न ही कुछ कहा। लेकिन अब हमारे पास इंडिया गठबंधन के तीन बंदर हैं। नए बंदर हैं पप्पू, जो एनडीए द्वारा किए गए किसी भी अच्छे काम को नहीं देखता, टप्पू, जो इसके बारे में सुन नहीं सकता, और अक्कू, जो बोलते समय इन बातों को स्वीकार नहीं करता।” आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, राजद और सपा बिहार में अपराधियों को “गले लगा रहे” हैं और घुसपैठियों को राज्य की सुरक्षा से समझौता करने की अनुमति दे रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि “कांग्रेस, राजद और सपा बिहार में अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं और घुसपैठियों की वजह से राज्य की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है।” मुख्यमंत्री ने कहा, “अगर एनडीए सत्ता में लौटेगी तो घुसपैठियों को बाहर खदेड़ दिया जाएगा और उनकी संपत्तियों को गरीबों में बांट दिया जाएगा।”
योगी ने राजद-कांग्रेस के शासनकाल के दौरान कथित कुप्रबंधन का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय राशन दुकानों में लूटपाट होती थी, जबकि वर्तमान में “बिहार सहित 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है।” उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और सीतामढ़ी में देवी जानकी मंदिर की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि एनडीए विकास और विरासत दोनों के पक्ष में खड़ा है।
इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मखाना बोर्ड का गठन किया है और एनडीए की “डबल इंजन” सरकार बिहार के सांस्कृतिक और आर्थिक गौरव को बहाल कर रही है। योगी ने विपक्ष पर भीबीमराव अंबेडकर और अन्य दिग्गजों का अपमान करने का आरोप लगाया तथा कहा कि एनडीए उनके लिए सम्मानजनक काम कर रही है।
स्थानीय अधिकारियों या विपक्षी पार्टियों की ओर से तात्कालिक टिप्पणी इस रिपोर्ट में शामिल नहीं है। घटना स्थल पर विपक्ष की प्रतिक्रिया उपलब्ध होते ही उसे जोड़ा जाएगा।



