स्पोर्ट्स डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- महिला क्रिकेट विश्व कप के सेमीफाइनल में भारतीय महिला टीम ने इतिहास रच दिया। जो कभी नहीं हुआ — वो कर दिखाया। 7 बार की वर्ल्ड चैंपियन ऑस्ट्रेलिया, जो पिछले 15 मैचों से विश्व कप में अजेय थी, उसका विजय रथ आखिरकार भारत ने रोक दिया।
भारतीय टीम ने वर्ल्ड कप नॉकआउट में 339 रन का लक्ष्य हासिल करके महिला वनडे के इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज़ कर दिखाया।
हरमनप्रीत की हुंकार हुई सच
विश्व कप ट्रॉफी के अनावरण के वक्त कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा था —“इस बार मिथक टूटेगा, सूखा खत्म होगा।” और सेमीफाइनल में उन्होंने और टीम ने यह वादा निभाया। अब बस फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जीत बाकी है, जिससे भारत पहली बार ICC महिला विश्व कप ट्रॉफी जीत सकता है।
अकल्पनीय लक्ष्य, लेकिन अदम्य विश्वास
ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 49.5 ओवर में 338 रन बनाए। 339 रन का पीछा — वो भी वर्ल्ड कप नॉकआउट में — अब तक किसी महिला टीम ने नहीं किया था। भारत का इससे पहले सबसे बड़ा सफल रन चेज़ 265 रन (vs ऑस्ट्रेलिया, 2021) था। लेकिन इस बार इतिहास बदलने वाला था…
जेमिमा रोड्रिग्स — भारत की नई ‘वंडर वुमन’
जब भारत का स्कोर 59/2 था, तो मैदान पर सन्नाटा था। लेकिन जेमिमा रोड्रिग्स (127 रन)* और हरमनप्रीत कौर (89 रन) ने तीसरे विकेट के लिए 167 रन की साझेदारी कर दी। हरमनप्रीत के आउट होने के बाद भी जेमिमा ने मोर्चा संभाला और दीप्ति शर्मा, रिचा घोष और अमनजोत कौर के साथ साझेदारी करते हुए टीम को इतिहासिक जीत दिलाई।
2017 का बदला, फिर भारत ने तोड़ा ऑस्ट्रेलिया का सिलसिला
2017 के सेमीफाइनल में भी भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराया था — तब हरमनप्रीत कौर ने 171 रन ठोके थे। उस हार के बाद से ऑस्ट्रेलिया ने विश्व कप में लगातार 15 मैच जीते थे। और अब 2025 में, उसी टीम ने उनके अजेय रिकॉर्ड को तोड़ा।
खुशी के आंसू और नई उम्मीदें
जीत के बाद मैदान पर हरमनप्रीत कौर और जेमिमा रोड्रिग्स दोनों भावुक हो गईं।ये सिर्फ जीत नहीं थी — ये नई भारतीय नारी शक्ति का प्रतीक थी। अब भारत फाइनल में दक्षिण अफ्रीका से भिड़ेगा और आईसीसी ट्रॉफी का सूखा खत्म करने की ओर बढ़ेगा।



