नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- क्या केंद्र सरकार अब ₹2000 से ज्यादा के यूपीआई लेनदेन पर जीएसटी (GST) वसूलने जा रही है? इस सवाल ने सोशल मीडिया से लेकर वित्तीय हलकों में हलचल मचा दी थी। अब वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने इस पर सरकार का रुख स्पष्ट कर दिया है।
मानसून सत्र के दौरान 22 जुलाई को राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में मंत्री ने साफ किया कि,”₹2000 से अधिक के यूपीआई ट्रांजैक्शन पर जीएसटी लगाने की कोई योजना नहीं है। जीएसटी परिषद (GST Council) की ओर से इस संबंध में कोई सुझाव भी नहीं मिला है।” मंत्री ने कहा कि जीएसटी से जुड़े सभी निर्णय GST काउंसिल की सिफारिशों पर आधारित होते हैं, और फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है।
हाल ही में RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने एक इंटरव्यू में यूपीआई ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगाने की वकालत की थी। उनका कहना था कि इस डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाए रखने और संचालन में खर्च आता है, जिसे किसी न किसी को वहन करना ही होगा। बीते कुछ वर्षों में UPI पेमेंट्स में बेतहाशा वृद्धि हुई है, जिससे इस व्यवस्था पर दबाव बढ़ा है।
वित्त राज्य मंत्री की इस टिप्पणी से यह स्पष्ट हो गया है कि आम जनता के लिए UPI लेनदेन फिलहाल मुफ्त ही रहेंगे, और ₹2000 से अधिक की राशि पर कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं लगेगा।



