न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- दिल्ली के एक प्रतिष्ठित निजी संस्थान में यौन शोषण के संगीन आरोपों का सामना कर रहे स्वघोषित बाबा चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ जांच में लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। 62 वर्षीय इस आरोपी को रविवार को आगरा के एक होटल से गिरफ्तार किया गया था और अब पुलिस पूछताछ में उसके तथाकथित “क्राइम पार्टनर” यानी दो महिला सहयोगियों को भी आमने-सामने बैठाकर सवाल किए जा रहे हैं।
फोन से निकले सनसनीखेज सबूत
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बाबा के फोन से कई महिलाओं के साथ अश्लील चैट, एयर होस्टेस के साथ निजी तस्वीरें और कई डीपी (Display Picture) के स्क्रीनशॉट्स मिले हैं। ये सबूत दर्शाते हैं कि वह वर्षों से महिलाओं को अपने जाल में फंसा रहा था।
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पुलिस अधिकारी ने बताया: “उसके फोन से मिली सामग्री जांच का रुख बदल सकती है। इससे पता चलता है कि मामला अकेले उसका नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क का हो सकता है।”
डराकर डिलीट कराते थे अश्लील मैसेज
चैतन्यानंद की महिला सहयोगी, जो उसी संस्थान में प्रशासनिक पदों पर थीं, उन पर यह आरोप है कि वे पीड़ित छात्राओं को धमकाकर बाबा के भेजे अश्लील मैसेज डिलीट करवाती थीं। यह रणनीति पुलिस जांच से बचने के लिए बनाई गई थी।
कोई पछतावा नहीं, सिर्फ गोलमोल जवाब
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान बाबा ने किसी भी तरह का पछतावा नहीं दिखाया और बार-बार जांच को गुमराह करने की कोशिश की।
एक अधिकारी ने बताया:“जब तक उसे डिजिटल सबूत नहीं दिखाए गए, वह झूठ बोलता रहा। हर सवाल पर गोलमोल जवाब देकर समय काटने की कोशिश करता है।”
फरारी के बाद गिरफ्तारी
सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी से पहले चैतन्यानंद लगातार लोकेशन बदल रहा था और पुलिस को चकमा दे रहा था। आखिरकार रविवार को आगरा के एक होटल से उसे पकड़ा गया। इसके बाद सोमवार को उसे उस संस्थान के परिसर में ले जाकर क्राइम सीन की पहचान कराई गई, जहां पर पीड़िताओं को बुलाया जाता था।
जांच में और भी बड़े नाम जुड़ सकते हैं
पुलिस का कहना है कि केस अब और गहराता जा रहा है। बाबा के फोन से बरामद डिजिटल डाटा को लेकर डिजिटल फॉरेंसिक जांच चल रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस पूरे षड्यंत्र में और भी लोग शामिल हो सकते हैं।



