Friday, February 13, 2026

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 UPI ट्रांजैक्शन के बदल रहे हैं नियम, अब बिना PIN ऐसे कर सकेंगे पेमेंट

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भारत में डिजिटल पेमेंट्स को और ज्यादा सुरक्षित और आसान बनाने के लिए यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 8 अक्टूबर 2025 से, UPI यूज़र्स को पेमेंट करने के लिए अब PIN दर्ज करने की जरूरत नहीं होगी। इसके बजाय वे फेस स्कैन या फिंगरप्रिंट के जरिए अपने ट्रांजैक्शन को ऑथेंटिकेट कर सकेंगे।

 क्या है बदलाव?

  • अब UPI ट्रांजैक्शन के लिए PIN डालने की अनिवार्यता खत्म होगी।
  • उसकी जगह यूज़र अपना चेहरा या फिंगरप्रिंट स्कैन कर पेमेंट कर पाएंगे।
  • यह फीचर NPCI द्वारा विकसित किया गया है और आधार से जुड़े बायोमेट्रिक डेटा पर आधारित होगा।

कैसे करेगा काम?

नया UPI फीचर भारत सरकार की आधार प्रणाली से जुड़ी बायोमेट्रिक जानकारी का उपयोग करेगा। जब आप UPI पेमेंट करेंगे, तब आपको PIN की जगह:चेहरे की पहचान (Face Authentication) या फिंगरप्रिंट स्कैन के जरिए ट्रांजैक्शन को अप्रूव करना होगा। यह जानकारी UIDAI के डेटाबेस से रीयल टाइम मैच की जाएगी। सफल वेरिफिकेशन पर ट्रांजैक्शन ऑटोमैटिकली पास हो जाएगा।

RBI की मंजूरी और गाइडलाइंस

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कुछ समय पहले ही वैकल्पिक ऑथेंटिकेशन तरीकों को मंजूरी दी थी। UPI के इस नए फीचर को उन्हीं दिशानिर्देशों के तहत शुरू किया जा रहा है, जिससे: सुरक्षा (Security) बढ़ेगी, उपयोगकर्ता अनुभव (User Experience) बेहतर होगा और ट्रांजैक्शन प्रोसेस और भी फास्ट और सहज बन जाएगा।.

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UPI यूज़र्स को क्या मिलेगा फायदा?

फायदा विवरण
 अधिक सुरक्षा PIN भूलने की चिंता खत्म; चेहरा या फिंगरप्रिंट कॉपी करना मुश्किल
तेज पेमेंट टाइपिंग की झंझट नहीं; ट्रांजैक्शन तेजी से होगा
बेहतर एक्सेस बुजुर्गों और कम पढ़े-लिखे यूज़र्स के लिए आसान

विशेषज्ञों का मानना है कि बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से फ्रॉड की संभावनाएं काफी हद तक घट जाएंगी।

डेटा प्राइवेसी और सुरक्षा कैसे होगी?

UIDAI और NPCI मिलकर इस फीचर के लिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन और डेटा प्रोटेक्शन प्रोटोकॉल का पालन करेंगे। UPI ऐप्स को इस फीचर को लागू करने के लिए यूज़र की स्पष्ट सहमति लेनी होगी। फेस/फिंगर डेटा लोकल डिवाइस पर प्रोसेस होगा, जिससे सर्वर पर डाटा शेयरिंग न के बराबर होगी।

यह सुविधा मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्टिवल 2025 में प्रस्तुत की गई। इसके बाद देशभर में चरणबद्ध तरीके से UPI ऐप्स में इसे लागू किया जाएगा।

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