न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में बड़े औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में सेमीकंडक्टर नीति-2024 के तहत ₹3000 करोड़ या उससे अधिक के निवेश वाली परियोजनाओं को केस-टू-केस आधार पर विशेष प्रोत्साहन देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
पांच साल तक प्रभावी रहेगी सेमीकंडक्टर नीति
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2024 को 19 जनवरी 2024 को लागू किया गया था, जो पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगी। इस नीति का उद्देश्य राज्य में बड़े पैमाने पर सेमीकंडक्टर उद्योग को आकर्षित करना और उत्तर प्रदेश को इस उभरते क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बनाना है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में अमेरिका, यूरोप, जापान और ताइवान जैसे देशों में सेमीकंडक्टर निर्माण बड़े स्तर पर हो रहा है, जिसमें ताइवान अग्रणी है। उत्तर प्रदेश भी इस वैश्विक उद्योग में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराना चाहता है।
सेमीकंडक्टर इकाइयों को मिलेंगे ये प्रमुख लाभ
नई व्यवस्था के तहत सेमीकंडक्टर इकाइयों को पहले से घोषित प्रोत्साहनों के साथ-साथ कई अतिरिक्त सुविधाएं दी जाएंगी, जिनमें शामिल हैं—
- ब्याज सब्सिडी
- कर्मचारी लागत की प्रतिपूर्ति
- 10 वर्षों तक नेट SGST में छूट
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- यूपी के मूल निवासियों के लिए 100% EPF प्रतिपूर्ति (अधिकतम ₹2000 प्रति माह)
- जल मूल्य में छूट
- 10 वर्षों तक बिजली बिल में ₹2 प्रति यूनिट की छूट
अल्ट्रा मेगा निवेश को बढ़ावा देने की तैयारी
राज्य सरकार के अनुसार, प्रदेश में बड़े निवेश के इच्छुक उद्यमी सेमीकंडक्टर नीति-2024 में निहित वित्तीय और गैर-वित्तीय प्रोत्साहनों के अलावा अतिरिक्त सहायता की मांग कर रहे थे। इसी को ध्यान में रखते हुए ₹3000 करोड़ या उससे अधिक के निवेश वाली विशिष्ट श्रेणी की परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन का निर्णय लिया गया है।
सरकार का मानना है कि इस तरह के अल्ट्रा मेगा निवेश से प्रदेश में इकोनॉमिक मल्टीप्लायर इफेक्ट पैदा होगा, जिससे राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) और कर राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।



