लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़ :-उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर गठबंधन को लेकर नया मोड़ देखने को मिला है। कांग्रेस पार्टी ने ऐलान किया है कि वह आगामी पंचायत चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ कोई गठबंधन नहीं करेगी। यह ऐलान पार्टी के यूपी प्रभारी अविनाश पांडे ने किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस हर वार्ड में अपनी रणनीति के तहत स्वतंत्र रूप से उम्मीदवार उतारेगी।
इस फैसले ने तब सबको चौंकाया जब कुछ ही दिन पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance) को मजबूत बनाए रखने की बात कही थी। अखिलेश ने कहा था कि “2027 का चुनाव कांग्रेस और सपा मिलकर लड़ेंगी।” लेकिन अब पंचायत चुनाव को लेकर कांग्रेस का अलग राह अपनाना, गठबंधन की जमीनी मजबूती पर सवाल खड़े कर रहा है।
कांग्रेस की रणनीति: हर वार्ड में होगी तैयारी
अविनाश पांडे ने बताया कि पंचायत चुनाव के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं की वार्ड-स्तरीय बैठकों का दौर जारी है। पार्टी का फोकस है कि बिना किसी गठबंधन के स्थानीय स्तर पर मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई जाए।
आपको बता दें कि वर्ष 2017 में कांग्रेस और सपा का गठबंधन हुआ था, लेकिन परिणाम निराशाजनक रहा था। सपा को मिली थीं 47 सीटें मिली थी जबकि कांग्रेस को केवल 7 सीटें मिली थीं , वही बीजेपी 324सीटों पर जीत हाशिल की थी |
2024 के लोकसभा चुनाव में INDIA गठबंधन को उत्तर प्रदेश में अच्छी सफलता मिली। समाजवादी पार्टी को 37 सीटें मिली जबकि कांग्रेस को 6 सीटें मिलीं |
अब पंचायत चुनाव में अलग-अलग लड़ने के फैसले से भविष्य में विधानसभा चुनाव की साझेदारी पर भी असर पड़ सकता है।



