लखनऊ /सर्वोदय न्यूज़ : उत्तर प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए योगी सरकार ने बुधवार को कई बड़ी घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ किया। इसी कार्यक्रम में यूपीकॉस के पोर्टल और वेबसाइट की लॉन्चिंग के साथ निगम के लोगो का भी अनावरण किया गया।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान आउटसोर्स सेवा निगम और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बीच हुए एमओयू का उल्लेख करते हुए कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब कर्मचारियों का मानदेय सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जाएगा। साथ ही घटना, दुर्घटना या आपदा की स्थिति में अलग-अलग श्रेणियों के तहत परिवार को 20 से 40 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर मिल सकेगा।
अग्निकांड से लेकर एयर एंबुलेंस तक की सुविधा
सीएम योगी के मुताबिक नई व्यवस्था के तहत आउटसोर्स कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए कई तरह की वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है।
- दुर्घटना की स्थिति में 20 से 40 लाख रुपये तक बीमा कवर
- अग्निकांड की स्थिति में 10 लाख रुपये तक सहायता
- आकस्मिक चिकित्सा जरूरत के लिए 5 लाख रुपये तक
- आपात स्थिति में एयर एंबुलेंस के लिए 10 लाख रुपये तक
- बेटे की शिक्षा के लिए 8 लाख रुपये तक
- बेटी की शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक
- दो बेटियों की शादी के लिए 8 से 10 लाख रुपये तक सहायता
मुख्यमंत्री ने बताया कि किसी आउटसोर्स कर्मचारी की मृत्यु होने की स्थिति में बैंक के माध्यम से उसके परिवार को तत्काल 50 हजार रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
जीरो बैलेंस पर खुलेगा बैंक खाता
नई व्यवस्था के तहत आउटसोर्स कर्मचारियों के बैंक खाते जीरो बैलेंस पर खोले जाएंगे। इस बैंकिंग व्यवस्था के माध्यम से कर्मचारी के परिवार के चार सदस्यों को भी विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
सीएम योगी ने कहा कि आउटसोर्स सेवा निगम का उद्देश्य कर्मचारियों को एक ऑर्गनाइज्ड, स्किल्ड, सिक्योर और डिग्निफाइड वर्कफोर्स में बदलना है।
उन्होंने कहा कि जब किसी व्यक्ति को समय पर उसका अधिकार मिलता है तो इसका लाभ केवल उसे नहीं बल्कि पूरे परिवार को मिलता है। इससे बच्चों की पढ़ाई, मां की दवा और बेटी के भविष्य को लेकर परिवार को भरोसा मिलता है कि उसकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी।
20 लाख लोगों को सुरक्षा कवच देने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आउटसोर्स सेवा निगम के माध्यम से करीब 20 लाख लोगों को सुरक्षा कवर देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
नई व्यवस्था के तहत सरकारी विभाग, आउटसोर्स एजेंसियां और कर्मचारी आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित सिस्टम से जुड़ेंगे। इसके जरिए विभागों में मैनपावर की जरूरत का आकलन, भविष्य में खाली होने वाले पदों का अनुमान और मानव संसाधन की बेहतर योजना तैयार की जा सकेगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आउटसोर्स कर्मचारियों को बढ़े हुए पारिश्रमिक के चेक भी सौंपे। उन्होंने कहा कि निगम की व्यवस्था से प्रदेश के 3.5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों और उनके परिवारों समेत करीब 17 से 20 लाख लोगों को लाभ पहुंचने की उम्मीद है।
CM योगी बोले- पहले तीन खेमों में बंटी थी पूरी व्यवस्था
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले आउटसोर्स व्यवस्था तीन अलग-अलग हिस्सों में बंटी हुई थी। एक तरफ कर्मचारी, दूसरी तरफ आउटसोर्स एजेंसी और तीसरी तरफ सरकारी विभाग होता था।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपनी समस्या लेकर अलग-अलग जगह जाता था, लेकिन कई बार उसे उचित सुनवाई नहीं मिलती थी। वेतन की चिंता के साथ सामाजिक और सेवा सुरक्षा को लेकर भी कर्मचारियों के सामने अनिश्चितता बनी रहती थी।
सीएम ने कहा कि ऐसे में कर्मचारी के मन में सवाल रहता था कि उसकी परेशानी कौन सुनेगा और उसके परिवार की चिंता कौन करेगा। सरकार का मानना है कि कर्मचारी और सरकार के बीच संबंध सिर्फ वेतन और काम तक सीमित नहीं हो सकता। यह रिश्ता विश्वास और जिम्मेदारी का भी है।
उन्होंने कहा कि किसी कर्मचारी का जीवन कागजी प्रक्रिया और सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने में नहीं बीतना चाहिए। उसे यह भरोसा होना चाहिए कि उसके काम का रिकॉर्ड सुरक्षित है और उसके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था मौजूद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समय पर वेतन, भविष्य निधि, बीमा, वैधानिक अधिकार और मेहनत के अनुरूप मानदेय हर कर्मचारी का अधिकार है। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के जरिए सरकार ने इन्हीं अधिकारों को व्यवस्थित और सुरक्षित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।


