न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में जिलों की संख्या अब 75 से बढ़कर 76 होने जा रही है। योगी सरकार राज्य में एक नया जिला बनाने की तैयारी में है, जिसका नाम ‘कल्याण सिंह नगर’ रखा जा सकता है। यह जिला अलीगढ़ और बुलंदशहर के कुछ हिस्सों को मिलाकर बनाया जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के बेटे और पूर्व सांसद राजवीर सिंह राजू भैया की मांग पर इस प्रस्ताव पर राजस्व परिषद (Revenue Council) ने कार्रवाई शुरू कर दी है। दोनों जिलों के डीएम को रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
इन तहसीलों को मिलाकर बनेगा नया जिला
पूर्व सांसद ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि नया जिला बुलंदशहर की तहसील डिबाई, अलीगढ़ की अतरौली और गंगीरी कस्बा (नई तहसील) को मिलाकर बनाया जाए। इस जिले का नाम ‘कल्याण सिंह नगर’ रखने की सिफारिश की गई है।
राजवीर सिंह ने सीएम योगी को भेजा था मांग पत्र
राजवीर सिंह ने 1 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर यह मांग रखी थी। पत्र में कहा गया कि पद्म विभूषण कल्याण सिंह ने अपना पूरा जीवन समाज और प्रदेश के विकास के लिए समर्पित किया, लेकिन उनकी जन्मभूमि अतरौली और आसपास का क्षेत्र अब भी अपेक्षित विकास से वंचित है।
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उन्होंने लिखा, “बाबूजी ने प्रदेश का विकास तो किया, लेकिन उनकी कर्मभूमि को भी एक नई पहचान दी जानी चाहिए।”
राजस्व परिषद ने मांगी रिपोर्ट
राजस्व परिषद के आयुक्त एवं सचिव राम कुमार द्विवेदी की ओर से अलीगढ़ और बुलंदशहर के जिलाधिकारियों (DM) को पत्र भेजा गया है।
पत्र में कहा गया है कि नई तहसील और जिले के गठन को लेकर निर्धारित मानकों के अनुरूप औचित्य रिपोर्ट (Justification Report) कमिश्नर के माध्यम से जल्द भेजी जाए।
क्यों खास है ‘कल्याण सिंह नगर’ का प्रस्ताव
यह जिला पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की जन्मभूमि और कार्यक्षेत्र दोनों को जोड़ेगा। अतरौली, गंगीरी और डिबाई क्षेत्र अभी विकास की दौड़ में पीछे हैं। नया जिला बनने से प्रशासनिक सुगमता और स्थानीय विकास को गति मिलेगी। जिले का नामकरण “कल्याण सिंह नगर” रखना उनके योगदान को सम्मानित करने का प्रतीक माना जा रहा है।



