न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। विकसित यूपी 2047 अभियान के तहत सरकार महिलाओं के लिए एक विशेष मिशन शुरू करने की तैयारी में है, जिसके तहत वर्ष 2047 तक एक करोड़ से अधिक महिलाओं को एआई और डेटा एनालिटिक्स का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार का मानना है कि आने वाले दशक में एआई और आईटी आधारित नौकरियों की मांग तेजी से बढ़ेगी। इसी को देखते हुए राज्य में बड़ी संख्या में एआई प्रशिक्षित महिलाओं को तैयार किया जाएगा, जिससे उन्हें प्रदेश में निवेश करने वाली अग्रणी कंपनियों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिल सकें।
नियोजन विभाग द्वारा तैयार की गई योजना के अनुसार महिलाओं को प्रशिक्षित करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म, ई-लर्निंग मॉडल और प्रदेश में पहले से स्थापित एआई लैब नेटवर्क का उपयोग किया जाएगा। इसके साथ ही गूगल, मेटा, ओपनएआई जैसी वैश्विक टेक कंपनियों के साथ प्रशिक्षण साझेदारी का प्रस्ताव है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल अपनाया जा सकता है। आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग भी विभिन्न कंपनियों के साथ बड़े पैमाने पर करार करेगा।
सरकार की योजना मंडल और जिला स्तर पर एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की भी है। इसके अलावा लखनऊ में प्रस्तावित एआई सिटी परियोजना भी इस अभियान को गति देगी।
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महिलाओं की उद्योगों में भागीदारी बढ़ाने के लिए राज्य सरकार स्त्री उद्योग केंद्र विकसित करेगी, जो महिलाओं को समर्पित औद्योगिक ज़ोन होंगे। इन क्षेत्रों में सुरक्षा और सहयोगात्मक कार्य वातावरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
आगामी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (GBC) में आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, यमुना एक्सप्रेस-वे इंडस्ट्रियल क्षेत्र में सेमीकंडक्टर यूनिट स्थापित की जा रही है, जबकि दो और प्रस्तावों पर सरकार विचार कर रही है।
यह पहल न सिर्फ महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को एआई और डिजिटल टेक्नोलॉजी के प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने का मार्ग भी प्रशस्त करेगी।



