न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच दुबई और अबू धाबी समेत खाड़ी क्षेत्र में हुए हमलों के बाद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान को खुली चेतावनी दी है। क्षेत्र में हालात उस समय और बिगड़ गए जब अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई की मौत की घोषणा करते हुए ईरान में सत्ता परिवर्तन की अपील की। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए, साथ ही खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
दुबई, दोहा और मनामा में धमाके
रविवार को दुबई, दोहा और मनामा में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। दुबई एयरपोर्ट अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाम जुमेराह और बुर्ज अल अरब जैसे प्रतिष्ठित स्थलों को भी नुकसान पहुंचा।
यूएई की ईरान को चेतावनी
यूएई के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार अनवर गरगाश ने कहा कि ईरान की आक्रामक कार्रवाई “गलत अनुमान” साबित हुई है और इससे वह और अधिक अलग-थलग पड़ सकता है। उन्होंने ईरान से अपील की कि वह अपने पड़ोसियों को निशाना न बनाए और समझदारी से काम ले।
गरगाश ने कहा, “आपका युद्ध अपने पड़ोसियों के साथ नहीं है। तनाव बढ़ाने से पहले तर्क और जिम्मेदारी की ओर लौटें।”
क्यों बढ़ा टकराव?
शनिवार को अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त अभियान में तेहरान सहित कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेना के अनुसार हमलों में Islamic Revolutionary Guard Corps के कमांड सेंटर, हवाई रक्षा प्रणाली, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट्स तथा सैन्य हवाई अड्डे शामिल थे।
हमले ऐसे समय हुए जब तेहरान और वॉशिंगटन के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर वार्ता जारी थी। इसके बाद ईरान ने बहरीन, कुवैत, कतर और यूएई में अमेरिकी ठिकानों पर पलटवार किया।
क्षेत्रीय युद्ध का खतरा
लगातार दूसरे दिन खाड़ी देशों में विस्फोटों की खबरों से आशंका जताई जा रही है कि यह संघर्ष लंबा खिंच सकता है। एयरस्पेस बंद होने और रणनीतिक ठिकानों पर हमलों ने पूरे मिडिल ईस्ट को अस्थिर कर दिया है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि कूटनीतिक प्रयास तेज नहीं हुए तो यह टकराव व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।



