न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम लागू होने के बावजूद तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इसी बीच Donald Trump ने एक बड़ा बयान देकर वैश्विक व्यापार और कूटनीति में हलचल मचा दी है।
ट्रंप ने चेतावनी दी है कि जो भी देश ईरान को सैन्य हथियारों की आपूर्ति करेगा, उस देश से अमेरिका को होने वाले सभी निर्यात पर 50% टैरिफ लगाया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि यह शुल्क तुरंत प्रभाव से लागू होगा और इसमें किसी तरह की छूट नहीं दी जाएगी।
टैरिफ से बढ़ सकता है वैश्विक तनाव
ट्रंप के इस ऐलान को वैश्विक स्तर पर एक नए “टैरिफ वार” की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कूटनीतिक संबंधों पर बड़ा असर पड़ सकता है।
यूरेनियम पर भी बड़ा दावा
इससे पहले ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका, ईरान के साथ मिलकर जमीन में दबे संवर्धित यूरेनियम को निकालने की योजना बना रहा है। यह यूरेनियम पिछले साल अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों के दौरान दब गया था।
हालांकि, ईरान की ओर से इस दावे की पुष्टि नहीं की गई है।
39 दिन के युद्ध के बाद सीजफायर
गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच करीब 39 दिनों तक चले संघर्ष के बाद दो सप्ताह के लिए युद्धविराम लागू किया गया है। ट्रंप ने इसे “विश्व शांति के लिए बड़ा दिन” बताया। इस युद्धविराम की जानकारी Shehbaz Sharif ने भी साझा की, जिन्होंने वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभाई।
ईरान का 10-सूत्रीय प्रस्ताव
ईरानी सरकारी मीडिया ने समझौते के लिए एक 10-सूत्रीय प्रस्ताव का विवरण दिया है, जो आगामी वार्ता का आधार बनेगा- अमेरिका ईरान के खिलाफ आगे कोई सैन्य आक्रमण नहीं होगा, होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण बना रहेगा, यूरेनियम संवर्धन के ईरान के अधिकार को स्वीकार किया जाएगा, ईरान पर अमेरिका के सभी प्राथमिक और माध्यमिक प्रतिबंध हटाए जाएंगे, ईरान के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी प्रस्तावों को समाप्त किया जाएगा, अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के प्रस्तावों को रद्द किया जाएगा, युद्ध से हुए नुकसान के लिए ईरान को मुआवजे का भुगतान किया जाएगा, क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू बलों की वापसी होगी, क्षेत्र में ईरान समर्थित समूहों पर हमले बंद किए जाएंगे।



