ममता बनर्जी की पार्टी पर संकट के आसार, कई नेता नाराज, सांसदों के दल बदलने की अटकलें तेज

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ Mamata Banerjee की पार्टी All India Trinamool Congress में अंदरूनी असंतोष की खबरें लगातार चर्चा में हैं। विधानसभा चुनाव में झटके के बाद पार्टी के भीतर नाराजगी बढ़ने और कई नेताओं के खुलकर विरोध दर्ज कराने की बातें सामने आ रही हैं। वहीं, कुछ रिपोर्टों में यह दावा भी किया जा रहा है कि कई सांसद पार्टी छोड़ सकते हैं। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है।

कई वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी की चर्चा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पार्टी के कई वरिष्ठ नेता संगठन और नेतृत्व शैली को लेकर असंतोष जता चुके हैं। इनमें सांसद Sukhendu Sekhar Roy, Kakoli Ghosh Dastidar, Dev, Kalyan Banerjee और Rachna Banerjee जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं।

इसके अलावा कुणाल घोष, रिताब्रता बनर्जी, रविंद्रनाथ घोष और कई अन्य नेताओं के भी पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाने की चर्चा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि स्थानीय निकाय चुनाव से पहले बढ़ती नाराजगी पार्टी नेतृत्व के लिए चुनौती बन सकती है।

सांसदों के दल बदलने की अटकलें

कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि टीएमसी के कई सांसद भारतीय जनता पार्टी के संपर्क में हैं। सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि एक दर्जन से अधिक सांसद पार्टी बदलने या समर्थन देने पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, किन सांसदों के नाम शामिल हैं और इस पर कोई अंतिम फैसला हुआ है या नहीं, इसे लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि यदि असंतोष बढ़ता रहा तो पार्टी को आगामी चुनावों में संगठनात्मक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

पार्षदों के इस्तीफों से बढ़ी चिंता

रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल के दिनों में 100 से अधिक पार्षदों के इस्तीफे की खबरों ने भी पार्टी की चिंता बढ़ा दी है। कई पार्षद कथित तौर पर पार्टी नेतृत्व और Abhishek Banerjee के “डायमंड हार्बर मॉडल” पर सवाल उठा रहे हैं।

इन घटनाक्रमों के बीच ममता बनर्जी ने नेताओं और कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने की अपील की है।

नंदीग्राम सीट बनी चुनौती

Nandigram सीट को लेकर भी पार्टी के सामने मुश्किलें बताई जा रही हैं। खबर है कि संभावित उपचुनाव के लिए उम्मीदवार तलाशने में टीएमसी को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

याद रहे कि 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को यहां भाजपा नेता Suvendu Adhikari से हार मिली थी। बाद में नंदीग्राम की राजनीति राज्य की सबसे चर्चित राजनीतिक लड़ाइयों में शामिल हो गई।

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

हालांकि, पार्टी छोड़ने वाले सांसदों और नेताओं को लेकर अब तक टीएमसी या संबंधित नेताओं की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल की राजनीति में बदलते समीकरणों के बीच आने वाले महीनों में स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

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