सर्वोदय/देश-विदेश(जिनेवा):- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने एक चौंकाने वाली चेतावनी जारी की है, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता का माहौल बन गया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अगली महामारी निश्चित है— यह एक वैज्ञानिक तथ्य है, न कि कोई कल्पना। चाहे वह कल ही क्यों न आ जाए या फिर 20 वर्षों बाद, इसका आना तय है।
डब्ल्यूएचओ की बैठक में बोलते हुए डॉ. टेड्रोस ने कहा कि दुनिया को अब से ही तैयारियां शुरू कर देनी चाहिए। उनका कहना है कि अब समय नहीं है कि महामारी को भूला जाए या इसे किसी अन्य संकट के मुकाबले पीछे रखा जाए।
महामारी की आशंका को नजरअंदाज कर रही हैं सरकारें
डॉ. टेड्रोस ने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया भूराजनीतिक संघर्षों और आर्थिक समस्याओं से घिरी हुई है। इन परिस्थितियों में सरकारें महामारी की संभावनाओं को कमतर आंक रही हैं। उन्होंने दोहराया कि कोविड-19 के अनुभव को भुलाना बड़ी भूल होगी, क्योंकि इसने न केवल 70 लाख लोगों की जान ली (जो कि सरकारी आंकड़ा है), बल्कि डब्ल्यूएचओ के अनुसार असली संख्या 2 करोड़ से भी ज्यादा हो सकती है।
कोरोना महामारी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को करीब 10,000 अरब डॉलर का नुकसान पहुंचाया। इस त्रासदी ने स्पष्ट कर दिया कि एक मजबूत वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा प्रणाली अब एक विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता है।
महामारी समझौते की ज़रूरत अब पहले से कहीं अधिक
डॉ. टेड्रोस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक वैधानिक महामारी समझौते की वकालत की है। उन्होंने कहा कि महामारी से लड़ने के लिए एक वैश्विक साझेदारी की ज़रूरत है, जिसमें हर देश — चाहे छोटा हो या गरीब — बराबरी का भागीदार हो
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समझौता ऐसा होना चाहिए जो किसी भी देश की संप्रभुता का अपमान न करे, लेकिन महामारी की रोकथाम, बचाव, तैयारी और प्रबंधन के लिए एक समान अंतरराष्ट्रीय ढांचा बनाए।
डॉ. टेड्रोस ने संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों से अपील की कि अब निर्णय लेने का समय आ गया है। उन्होंने कहा, “हम पिछले साढ़े तीन साल से इस दिशा में लगातार चर्चा कर रहे हैं, अब इसे अंतिम रूप देने की घड़ी आ गई है।”



