मथुरा/ सर्वोदय न्यूज़:-वृंदावन के गौरी गोपाल आश्रम में आयोजित धार्मिक कथा कार्यक्रम में प्रसिद्ध कथावाचक स्वामी अनिरुद्धाचार्य के एक बयान ने विवाद और आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। उन्होंने मंच से कहा: “25 साल की अविवाहित लड़कियों का चरित्र ठीक नहीं होता, और लड़कियों की शादी 14 वर्ष की उम्र में ही कर देनी चाहिए ताकि वे परिवार में घुल मिल जाएं।”
इतना ही नहीं, उन्होंने आगे यह भी कहा कि:“पहले जब 14 साल की उम्र में शादी हो जाती थी, तो लड़की परिवार में समाहित हो जाती थी। अब जब 25 साल की लड़कियां घर में आती हैं, तो कहीं ना कहीं ‘मुंह मार चुकी होती हैं’।” इस आपत्तिजनक और स्त्रीविरोधी बयान पर महिला संगठनों, अधिवक्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
आपको बतादें कि मथुरा की महिला अधिवक्ताओं ने एसएसपी श्लोक कुमार को लिखित शिकायत दी है। जिसमे में कहा गया है कि कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के द्वारा दिया गायन बयान स्त्रियों के सम्मान और भारतीय कानून दोनों का उल्लंघन करता है। भारत में लड़कियों की वैध विवाह आयु 18 वर्ष और लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित है। 14 वर्ष में विवाह की बात करना बाल विवाह अधिनियम (Prohibition of Child Marriage Act, 2006) का उल्लंघन है।
आपको बतादें कि कथावाचक स्वामी अनिरुद्धाचार्य का यह बयान ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर #Aniruddhacharya, #WomenRights, और #Misogyny जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। यूज़र्स और सामाजिक संगठनों ने इस बयान को “पितृसत्तात्मक सोच का घिनौना प्रदर्शन” कहा है।
अनिरुद्धाचार्य की सफाई और माफी:
बढ़ते विवाद के बीच स्वामी अनिरुद्धाचार्य ने एक वीडियो जारी कर सफाई दी है।उन्होंने दावा किया कि जो वीडियो वायरल हो रहा है, वह AI (Artificial Intelligence) से बनाया गया है। आगे उन्होंने कहा: “इस वीडियो में मेरे मूल विचारों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। मेरा इरादा किसी की भावना को ठेस पहुँचाने का नहीं था। यदि किसी को दुख हुआ है तो मैं क्षमाप्रार्थी हूँ।”
हालांकि, उनकी सफाई से विवाद शांत नहीं हुआ है और कई संगठनों ने जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग दोहराई है।



