स्पोर्ट्स डेस्क/सर्वोदय न्यूज़: इंग्लैंड के खिलाफ चल रही टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया की हालिया हार ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है। भारत को लॉर्ड्स और लीड्स में हार का सामना करना पड़ा, और दोनों ही मुकाबलों में टीम के प्रमुख तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह प्लेइंग XI में शामिल थे। वहीं, बर्मिंघम में बुमराह की गैरमौजूदगी में भारत ने शानदार जीत दर्ज की। अब इस तथ्य को लेकर इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर डेविड लॉयड ने एक चौंकाने वाला बयान दिया है।
टॉकस्पोर्ट से बातचीत में डेविड लॉयड ने कहा,“यह बहुत ही असाधारण आंकड़ा है। ऐसा लगता है कि जब बुमराह खेलते हैं तो टीम इंडिया अधिकतर मैच हारती है और जब वह नहीं खेलते, तो टीम जीत जाती है।” लॉयड ने आगे कहा कि बुमराह भले ही दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में शुमार हों, लेकिन उनके खेलने से टीम की जीत की संभावना पर असर पड़ रहा है — आंकड़े यही संकेत देते हैं।
सीरीज में अब तक भारत ने एकमात्र जीत बर्मिंघम में हासिल की, जिसमें बुमराह रेस्ट पर थे। उस मैच में मोहम्मद सिराज और आकाश दीप की जोड़ी ने मिलकर 16 विकेट लिए और इंग्लैंड को बैकफुट पर धकेल दिया। वहीं, बुमराह ने लीड्स और लॉर्ड्स टेस्ट में गेंदबाज़ी की, लेकिन भारत को हार का मुंह देखना पड़ा। इस ट्रेंड को देखते हुए डेविड लॉयड का यह कहना है कि भारत को आगे के मैचों में बुमराह को रणनीतिक रूप से इस्तेमाल करना चाहिए। भारत के कोच गौतम गंभीर और चीफ सेलेक्टर पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि जसप्रीत बुमराह इस 5 टेस्ट मैचों की सीरीज में सिर्फ 3 मुकाबले ही खेलेंगे। वे दो मैच खेल चुके हैं और अब केवल एक और मैच में उनकी एंट्री संभावित है।
डेविड लॉयड ने कहा कि अगर भारत को सीरीज बचानी है, तो उन्हें ओल्ड ट्रैफर्ड टेस्ट में बुमराह को खिलाना चाहिए। “अगर भारत अगला टेस्ट जीतकर स्कोर 2-2 कर देता है, तो फिर बुमराह को ओवल टेस्ट में भी उतारना पड़ सकता है। लेकिन अगर इंग्लैंड 3-1 से सीरीज अपने नाम कर लेता है, तो शायद उन्हें रेस्ट ही दिया जाएगा।”
जसप्रीत बुमराह को लंबे समय से भारत का “मैच विनर” माना जाता है, खासकर विदेशी पिचों पर। लेकिन मौजूदा ट्रेंड को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। डेविड लॉयड की टिप्पणी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या टीम का संतुलन उनके साथ गड़बड़ा रहा है, या फिर ये सिर्फ संयोग भर है?



