न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- यूपी में स्कूलों में वंदे मातरम को अनिवार्य करने के निर्देश के बाद अलीगढ़ के एक सरकारी स्कूल में विवाद खड़ा हो गया।
उच्च प्राथमिक विद्यालय शाहपुर कुतुब में प्रार्थना सभा के दौरान वंदे मातरम के नारे लगाने का विरोध करने वाले सहायक अध्यापक शमसुल हसन के खिलाफ रोरावर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। घटना के तुरंत बाद शिक्षक को निलंबित कर दिया गया और विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
घटना का पूरा विवरण
लोधा ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक चंद्रपाल सिंह ने तहरीर देते हुए बताया कि बुधवार सुबह प्रार्थना सभा के दौरान राष्ट्रीय गान, भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाए जा रहे थे।
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तभी शमसुल हसन आए और जोर देकर कहा कि “यह वंदे मातरम का नारा स्कूल में नहीं चलेगा।” जब कारण पूछा गया, तो उन्होंने गुस्से में धमकी देते हुए कहा कि “वंदे मातरम बुलवाना हमारे मजहब के खिलाफ है। तू बहुत बदतमीज है। अभी आसपास के सभी मुसलमानों को एकत्रित करके मीटिंग करूंगा और तेरी बेज्जती कराऊंगा।” चंद्रपाल ने अपने बयान में यह भी कहा कि शिक्षक ने उन्हें जान का खतरा दिया।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
एएसपी और सीओ प्रथम मयंक पाठक ने बताया कि शमसुल हसन के खिलाफ वंदे मातरम का विरोध और धमकी देने के मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साथ ही संबंधित विभाग द्वारा शिक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की गई है।
योगी के निर्देश पर उठाया गया कदम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती समारोह में कहा था कि यूपी के सभी स्कूलों में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का गायन अनिवार्य किया जाएगा। योगी ने यह भी कहा, “कोई मजहब राष्ट्र से बढ़कर नहीं हो सकता।”
इस निर्देश के बाद प्रदेशभर के स्कूलों में वंदे मातरम को अनिवार्य किया गया है और किसी भी प्रकार के विरोध को गंभीरता से लिया जा रहा है।



