स्पोर्ट्स डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-टीम इंडिया द्वारा एशिया कप 2025 के लिए शुभमन गिल को टी20 स्क्वॉड में शामिल किए जाने और उपकप्तान बनाए जाने पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा ने सवाल उठाए हैं। उथप्पा का मानना है कि यह फैसला न केवल क्रिकेटिंग लॉजिक से इतर है, बल्कि इसमें मार्केटिंग और स्टार वैल्यू जैसे कारकों की भूमिका रही है।
गिल की वापसी पर सवाल
रॉबिन उथप्पा ने अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत में कहा,“शुभमन गिल को टी20 टीम में वापस लाकर भारत ने खुद ही एक मसला खड़ा कर लिया है।”
उथप्पा का इशारा गिल की लंबी गैरमौजूदगी की तरफ था। उन्होंने अपना पिछला टी20 इंटरनेशनल जुलाई 2024 में श्रीलंका के खिलाफ खेला था, जो गौतम गंभीर के कोचिंग कार्यकाल की शुरुआत थी। अब एक साल से ज्यादा समय बाद गिल की वापसी को लेकर क्रिकेट जगत में चर्चाएं तेज़ हैं।
स्टार फैक्टर या क्रिकेटिंग डिसीजन?
उथप्पा ने स्पष्ट तौर पर कहा कि इस चयन के पीछे कुछ हद तक बिज़नेस एंगल भी हो सकता है।“मुझे लगता है कि मार्केटिंग और बिजनेस नैरेटिव का भी इसमें रोल है। टीम चाहती है कि कुछ खास सुपरस्टार खेल को आगे ले जाएं और गिल उनमें से एक हैं।”
उन्होंने संकेत दिया कि भारतीय क्रिकेट में अक्सर कुछ खिलाड़ियों को “स्टार ब्रांड” के रूप में प्रमोट किया जाता है और यही सिलसिला अब भी जारी है।
हालांकि उथप्पा ने स्पष्ट तौर पर नहीं बताया कि “मसला” किसे कहा जा रहा है, लेकिन क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि उनका इशारा टी20 ओपनिंग जोड़ी की तरफ है।पिछले एक-डेढ़ साल में अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की सलामी जोड़ी बेहतरीन फॉर्म में रही है। ऐसे में गिल की वापसी के बाद यह सवाल उठ रहा है कि ओपनिंग स्लॉट में किसे मौका मिलेगा। संजू सैमसन केरल क्रिकेट लीग में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और खुद को बतौर ओपनर साबित कर चुके हैं। वहीं अभिषेक भी तेजी से उभरते हुए बल्लेबाज हैं।
टेस्ट कप्तान से T20 में उपकप्तान
गौरतलब है कि रोहित शर्मा के टेस्ट संन्यास के बाद गिल को टेस्ट टीम की कमान सौंपी गई थी। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ एंडरसन-तेंदुलकर सीरीज में कमाल का प्रदर्शन करते हुए कई रिकॉर्ड्स तोड़े। ऐसे में उनका सीमित ओवर्स में वापसी करना थोड़ा चौंकाने वाला फैसला माना जा रहा है।
क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि
- गिल को वापस लाने का फैसला क्रिकेटिंग लॉजिक के साथ-साथ ब्रांडिंग रणनीति से भी जुड़ा हो सकता है।
- इससे टीम कॉम्बिनेशन, खासकर ओपनिंग स्लॉट में स्पर्धा और भ्रम की स्थिति बन सकती है।
- युवा खिलाड़ियों की फॉर्म और निरंतरता को नजरअंदाज करना भविष्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
एशिया कप 2025 में गिल का प्रदर्शन यह तय करेगा कि यह चयन सही था या नहीं। क्या वह अपने स्टारडम को प्रदर्शन में बदल पाएंगे? और क्या भारत की ओपनिंग जोड़ी का पेच अब और उलझेगा?



