अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़: राम मंदिर में चढ़ावा और बहुमूल्य आभूषणों की कथित चोरी के मामले को लेकर जारी विवाद के बीच संत समाज खुलकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के समर्थन में सामने आया है। अयोध्या स्थित राम कचहरी मंदिर में आयोजित संतों की बैठक में मामले की निष्पक्ष जांच पूरी होने तक किसी भी व्यक्ति को दोषी न ठहराने की अपील की गई।
जांच पूरी होने तक इंतजार करने की अपील
बैठक में मौजूद संतों ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर मामले की एसआईटी जांच जारी है। उनका कहना था कि जांच पूरी होने से पहले किसी एक व्यक्ति या संस्था को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
परमहंस आचार्य ने लगाए राजनीतिक साजिश के आरोप
बैठक के बाद जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने आरोप लगाया कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर विपक्ष की ओर से भ्रामक जानकारी फैलाकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम के पीछे राजनीतिक साजिश होने की आशंका भी जताई।
कॉल डिटेल्स को लेकर किया दावा
परमहंस आचार्य ने दावा किया कि आरोपी बताए जा रहे टिन्नू यादव और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच कई बार बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा कि कथित कॉल डिटेल्स के अनुसार दोनों के बीच लगभग 980 बार बातचीत हुई और जिस दिन अखिलेश यादव ने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, उस दिन भी तीन बार बातचीत हुई थी।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही संबंधित पक्षों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।
चंपत राय के समर्थन में संत समाज
परमहंस आचार्य ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी इस मामले में दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई के पक्ष में हैं। उन्होंने चंपत राय को निर्दोष बताते हुए कहा कि संत समाज उनके साथ खड़ा है।
उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर के संचालन और प्रबंधन में किसी प्रकार का सरकारी हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए तथा जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी की जानी चाहिए।
जांच जारी
राम मंदिर में चढ़ावे और बहुमूल्य आभूषणों की कथित चोरी के मामले में पुलिस पहले ही कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। मामले की जांच एसआईटी कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे प्रकरण पर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।



