लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को भारतीय सेना मानहानि मामले में लखनऊ की एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। अदालत ने उन्हें ₹20,000 के निजी मुचलके पर जमानत दे दी।
राहुल गांधी ने यह सरेंडर एक ऐसे मुकदमे में किया है, जिसमें उन पर भारतीय सेना के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। यह बयान उन्होंने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान 16 दिसंबर 2022 को दिया था। उन्होंने उस वक्त कहा था कि “लोग भारत जोड़ो यात्रा पर सवाल पूछते हैं, लेकिन कोई ये नहीं पूछता कि चीनी सैनिकों ने हमारे जवानों को कैसे पीटा ।”
राहुल गांधी इस मामले में पहले पांच बार सुनवाई में हाजिर नहीं हुए थे। मई 2025 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें उन्होंने मानहानि के मुकदमे और समन आदेश को चुनौती दी थी। इसके बाद उन्होंने आज एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट आलोक वर्मा के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होकर सरेंडर किया और जमानत याचिका दायर की।
इस मानहानि का केस सीमा सड़क संगठन (BRO) के सेवानिवृत्त निदेशक उदय शंकर श्रीवास्तव ने दायर किया था। उनका आरोप है कि राहुल गांधी के बयान से उन्हें और सेना के सम्मान को ठेस पहुंची है।
गौरतलब है कि राहुल गांधी ने यह बयान उस घटना के संदर्भ में दिया था जब 9 दिसंबर 2022 को अरुणाचल प्रदेश की तवांग सेक्टर में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प हुई थी।
राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय सेना ने आधिकारिक बयान जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि “चीनी सैनिकों के अतिक्रमण के प्रयास का भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया, और उन्हें पीछे हटने पर मजबूर किया गया।” सेना ने यह भी स्पष्ट किया कि जवानों की वीरता और क्षमता पर कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता।



