दरवाजों और छतों तक लटके लोग;कहां हैं 12 हजार स्पेशल ट्रेनें? राहुल गांधी ने सरकार को घेरा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-  त्योहारों का मौसम आते ही भारत की रेल व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। दिवाली, भाईदूज और छठ जैसे पर्वों पर लोगों के घर लौटने की भीड़ के बीच ट्रेनें खचाखच भरी हुई हैं — कई जगह लोग दरवाजों और छतों तक लटके नजर आ रहे हैं। इसी मुद्दे पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।

राहुल गांधी का सवाल — “कहां हैं 12,000 स्पेशल ट्रेनें?”

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) पर भीड़भाड़ वाली ट्रेनों के वीडियो साझा करते हुए लिखा: “त्योहारों का महीना है — दिवाली, भाईदूज, छठ। बिहार में इन त्योहारों का मतलब सिर्फ आस्था नहीं, घर लौटने की लालसा है — मिट्टी की खुशबू, परिवार का स्नेह, गांव का अपनापन। लेकिन यह लालसा अब एक संघर्ष बन चुकी है।”

उन्होंने कहा कि बिहार जाने वाली ट्रेनें पूरी तरह ठसाठस भरी हैं, टिकट मिलना असंभव है और सफर “अमानवीय” हो चुका है। कई ट्रेनों में क्षमता से 200% तक यात्री सवार हैं।

राहुल गांधी ने सवाल उठाया – “कहां हैं 12,000 स्पेशल ट्रेनें?  क्यों हर साल हालात और बदतर होते जा रहे हैं?  क्यों बिहार के लोग हर साल ऐसे अपमानजनक हालात में घर लौटने को मजबूर हैं?”

रेल मंत्रालय का दावा — चल रही हैं 12,011 विशेष रेल यात्राएं

रेल मंत्रालय ने हाल ही में जानकारी दी थी कि 1 अक्टूबर से 30 नवंबर 2025 तक त्योहारों के दौरान यात्रियों की भीड़ को देखते हुए 12,011 विशेष रेल यात्राओं की योजना बनाई गई है। इसके मुताबिक, देशभर में प्रतिदिन औसतन 196 स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। अब तक एक दिन में सर्वाधिक 280 विशेष रेलगाड़ियां 18 अक्टूबर को चली थीं, जबकि सबसे कम 8 अक्टूबर को 166 ट्रेनें।

“फेल डबल इंजन सरकार के दावे खोखले हैं” — राहुल गांधी

कांग्रेस नेता ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “फेल डबल इंजन सरकार के दावे खोखले साबित हुए हैं।” उन्होंने कहा कि अगर बिहार और पूर्वी भारत में रोजगार और सम्मानजनक जीवन के अवसर मिलते, तो लोगों को हजारों किलोमीटर दूर जाकर काम करने की मजबूरी नहीं होती।

राहुल गांधी ने कहा — “ये सिर्फ मजबूर यात्री नहीं हैं, ये एनडीए सरकार की धोखेबाज नीतियों और नियत का जीता-जागता सबूत हैं। यात्रा सुरक्षित और सम्मानजनक हो — यह अधिकार है, कोई एहसान नहीं।”

त्योहारों पर रेल व्यवस्था में अव्यवस्था का आलम

देश के कई हिस्सों, विशेष रूप से बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और बंगाल जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ दर्ज की गई है। कई वीडियो और तस्वीरों में देखा गया है कि लोग न केवल ट्रेन के अंदर बल्कि छतों और दरवाजों पर लटककर सफर करने को मजबूर हैं।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि लगातार स्पेशल ट्रेनें जोड़ी जा रही हैं, लेकिन मांग इतनी अधिक है कि टिकटें कुछ ही मिनटों में बिक जा रही हैं।

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