पुतिन ने तोड़ा प्रोटोकॉल: राष्ट्रपति–PM से पहले इस भारतीय अधिकारी से मिलाया हाथ, वीडियो वायरल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत दौरे पर हैं, जहां उनका स्वागत राष्ट्रपति भवन में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इसी दौरान सामने आया एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वजह—पुतिन ने निर्धारित प्रोटोकॉल से हटकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पहले एक भारतीय अधिकारी से हाथ मिलाया।

पुतिन ने किससे पहले किया हैंडशेक?

शुक्रवार को जैसे ही व्लादिमीर पुतिन राष्ट्रपति भवन पहुंचे, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें रिसीव करने के लिए मौजूद थे। सामान्यतः कूटनीतिक प्रोटोकॉल के अनुसार, विदेशी राष्ट्राध्यक्ष सबसे पहले मेजबान देश के राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री से अभिवादन करते हैं।

लेकिन पुतिन ने कार से उतरते ही एक अलग कदम उठाया—उन्होंने भीड़ की ओर हाथ हिलाने के बाद अचानक एक तरफ मुड़कर स्वागत पंक्ति में खड़े एक अधिकारी से सबसे पहले हाथ मिलाया।

कौन हैं वो भारतीय अधिकारी?

जिस व्यक्ति से पुतिन ने पहले हैंडशेक किया, वह कोई और नहीं बल्कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सैन्य सचिव (Military Secretary) मेजर जनरल वूदेव परिदा हैं।

कार से उतरते ही पुतिन सबसे पहले मेजर जनरल परिदा की ओर बढ़े और उनसे गर्मजोशी से हाथ मिलाया। इसके बाद वे राष्ट्रपति मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी की ओर बढ़े।

मेजर जनरल वूदेव परिदा: कौन हैं और क्यों खास हैं?

मेजर जनरल परिदा राष्ट्रपति के प्रमुख सैन्य सलाहकार और प्रोटोकॉल अधिकारी हैं। वे राष्ट्रपति के सभी कार्यक्रमों, यात्राओं और औपचारिक अवसरों के सैन्य प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालते हैं। उन्हें उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से सम्मानित किया जा चुका है।

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पुतिन का पहले एक सैन्य अधिकारी से हाथ मिलाना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर इसे पुतिन के सैन्य परंपरा और अनुशासन के प्रति सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।

वैश्विक कूटनीति में संकेतों का महत्व

अंतरराष्ट्रीय संबंधों में ऐसे छोटे-छोटे इशारे अक्सर बड़ा संदेश देते हैं। पुतिन की यह पहल न केवल व्यक्तिगत विनम्रता दर्शाती है, बल्कि भारत के सैन्य अधिकारियों के प्रति सम्मान को भी उजागर करती है। वीडियो के वायरल होने के बाद लोग इसे ‘शिष्टाचार की मिसाल’ बता रहे हैं।

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