कौन हैं इस्तीफा देने वाले अयोध्या के GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह, राजनीति से प्रशासन तक का सफर:

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- शंकराचार्य विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में इस्तीफा देकर सुर्खियों में आए अयोध्या के GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह सिर्फ एक प्रशासनिक अधिकारी ही नहीं रहे हैं, बल्कि उनका राजनीतिक और सामाजिक सफर भी काफी दिलचस्प रहा है। उनके इस्तीफे ने न सिर्फ प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचाई, बल्कि उनके गांव और परिवार को भी चौंका दिया है।

प्रशांत कुमार सिंह मूल रूप से मऊ जिले के सरायलखंसी क्षेत्र स्थित सरवां गांव के निवासी हैं। उनके इस्तीफे की खबर जब गांव पहुंची, तो लोग हैरान रह गए। खुद उनके पिता त्रिपुरारी सिंह भी इस फैसले से स्तब्ध हैं। उन्होंने बताया कि बेटे ने कभी इस तरह के कदम का संकेत नहीं दिया था।

राजनीति से जुड़ाव और शुरुआती सफर

बहुत कम लोग जानते हैं कि प्रशांत कुमार सिंह प्रशासनिक सेवा में आने से पहले राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं। वर्ष 2011 में वह वरिष्ठ नेता अमर सिंह की पार्टी लोकमंच से जुड़े और मऊ जिले के जिलाध्यक्ष बनाए गए। करीब एक वर्ष से अधिक समय तक उन्होंने यह जिम्मेदारी निभाई। इससे पहले वह पीस पार्टी से भी जुड़े रहे और स्थानीय स्तर पर राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय थे।

हालांकि राजनीति में सक्रिय रहने के बावजूद प्रशांत का लक्ष्य प्रशासनिक सेवा में जाना था। राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते रहे और अंततः PCS परीक्षा में सफलता हासिल की।

शिक्षा और संघर्ष की कहानी

प्रशांत कुमार सिंह की शुरुआती शिक्षा आंबेडकर नगर के टांडा में हुई। इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई उन्होंने वहीं से की। उस समय उनके पिता त्रिपुरारी सिंह NTPC में कार्यरत थे। बाद में पिता ने मऊ जिले में बिजली विभाग में लिपिक के पद पर कई वर्षों तक सेवा दी।

प्रशांत ने स्नातक की पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय से पूरी की। पढ़ाई के बाद वह मऊ लौट आए और यहां कोचिंग संस्थान चलाने लगे। वह छात्रों को पढ़ाते थे और साथ ही परिवार के लिए घर पर खटाल यानी दूध के कारोबार में भी हाथ बंटाते थे। इन जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने कभी अपनी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी नहीं छोड़ी।

वर्ष 2014-15 में उन्होंने PCS परीक्षा दी, जिसमें उनका चयन वाणिज्य कर (Commercial Tax) विभाग में अधिकारी के पद पर हुआ। बाद में GST लागू होने के बाद वह डिप्टी कमिश्नर के पद तक पहुंचे और वर्तमान में अयोध्या में तैनात थे।

परिवार की मजबूत शैक्षणिक और प्रशासनिक पृष्ठभूमि

प्रशांत कुमार सिंह का परिवार शिक्षा और सेवा क्षेत्र से जुड़ा रहा है। उनके बड़े भाई डॉ. विश्वजीत सिंह लखनऊ में चिकित्सक हैं और वहां अपना निजी क्लीनिक संचालित करते हैं। उनकी बहन जया सिंह कुशीनगर जिले के हाटा तहसील में तहसीलदार के पद पर तैनात हैं।

प्रशांत की शादी गाजीपुर जिले में हुई है। उनकी पत्नी का नाम बीना सिंह है और उन्हें दो बेटियां हैं। उनके मित्र और बरपुर निवासी अधिवक्ता अनोखे श्रीवास्तव के अनुसार, प्रशांत हमेशा से सामाजिक और वैचारिक मुद्दों पर मुखर रहे हैं।

इस्तीफे से गांव में हलचल

शंकराचार्य विवाद में योगी और मोदी के समर्थन में दिया गया उनका इस्तीफा गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इस फैसले को उनके वैचारिक दृढ़ता से जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल उनका इस्तीफा स्वीकार होना बाकी है, लेकिन उनके इस कदम ने उन्हें एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

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