न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले एक बार फिर हलचल देखने को मिल सकती है। कांग्रेस से हाल ही में इस्तीफा देने वाले पूर्व बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी के समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल होने की चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं।
सूत्रों की मानें तो 15 फरवरी को सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी में कई नेता सपा की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं। नसीमुद्दीन के अलावा कुछ अन्य पूर्व विधायकों के भी सपा में शामिल होने की संभावना है।
कांग्रेस छोड़ने के बाद नसीमुद्दीन के राजनीतिक कदम को लेकर अटकलों का बाजार गर्म रहा। कुछ समय तक यह चर्चा थी कि वह एआईएमआईएम के साथ या फिर चंद्रशेखर की टीम में शामिल हो सकते हैं। अब यह संभावना जताई जा रही है कि वह समाजवादी पार्टी का दामन थाम सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी जैसे अनुभवी नेता के शामिल होने से सपा को बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी में मुस्लिम वोट बैंक मजबूत करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, बसपा के पुराने कैडर वोट पर भी असर पड़ने की संभावना है।
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राजनीतिक यात्रा की बात करें तो नसीमुद्दीन कभी कांशीराम के करीबी माने जाते थे और मायावती सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर रहे। उनका राजनीतिक सफर विवादों और उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। भाजपा नेता दयाशंकर सिंह की बेटी को लेकर दिए गए बयानों के चलते वह लंबे समय तक सुर्खियों में रहे। बसपा सरकार में उनकी नंबर दो की हैसियत थी, लेकिन बाद में मायावती ने उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया। इसके बाद नसीमुद्दीन ने सतीश चंद्र मिश्रा पर साजिश के आरोप भी लगाए थे।



