न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को एक जनसभा में अपनी मां को याद करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उनकी मां ने परिवार को बेहद गरीबी में पाला, खुद कभी अपने लिए नई साड़ी तक नहीं खरीदी और पूरी जिंदगी त्याग और तपस्या में गुजारी।
इस दौरान उन्होंने राजद-कांग्रेस (RJD-Congress) के मंच से आई अपमानजनक टिप्पणियों को लेकर भी कड़ा विरोध जताया और कहा कि यह सिर्फ उनकी मां नहीं, बल्कि देश की करोड़ों माताओं का अपमान है।
“मेरी मां अब इस दुनिया में नहीं हैं, फिर भी उन्हें गालियां दी गईं”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा:“आप सब जानते हैं कि मेरी मां अब इस दुनिया में नहीं हैं। कुछ समय पहले उन्होंने 100 साल की उम्र पूरी की और इस संसार को छोड़ गईं।
लेकिन एक मां, जिसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं, जिसका शरीर भी अब इस धरती पर नहीं है—उसे आरजेडी और कांग्रेस के मंच से भद्दी-भद्दी गालियां दी गईं। ये बेहद दुखद, कष्टकारी और पीड़ादायक है।”
“मेरी मां की तरह देश की करोड़ों मांएं करती हैं तपस्या”
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी मां की तरह देश की लाखों-करोड़ों माताएं हैं जो हर दिन अपने सपनों का त्याग कर बच्चों का भविष्य बनाती हैं।
“मेरी मां ने अपने लिए कभी कुछ नहीं चाहा। वो हमारे लिए हर पाई बचाती थीं। देश की करोड़ों माताएं भी ऐसा ही करती हैं—तपस्या में अपना जीवन बिताती हैं। उन्हीं माताओं के सम्मान की रक्षा मेरा कर्तव्य है।”
राजनीति में निजी हमलों पर गुस्सा और पीड़ा
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी मां कभी सार्वजनिक जीवन या राजनीति में नहीं रहीं, फिर भी राजनीतिक मंच से उन्हें अपमानित करना, केवल एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि देश की मूल भावना पर हमला है| उन्होंने इसे एक “राजनीतिक मर्यादा का पतन” बताया।



