नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- भारत सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर में अदम्य साहस और वीरता दिखाने वाले भारतीय वायुसेना के 9 अधिकारियों को वीर चक्र से सम्मानित करने का निर्णय लिया है। इस सम्मान की घोषणा 15 अगस्त की पूर्व संध्या पर की जाएगी। वीर चक्र भारत का तीसरा सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है, जो युद्ध या दुश्मन से मुठभेड़ के दौरान असाधारण साहस दिखाने पर दिया जाता है।
ऑपरेशन सिंदूर: आतंक के अड्डों पर सीधा प्रहार
बीते मई में भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद दर्जनों आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था।
इस कार्रवाई में वायुसेना ने मुरीदके और बहावलपुर जैसे आतंकी हेडक्वार्टर्स को भी नष्ट किया—जो लंबे समय से भारत विरोधी गतिविधियों का केंद्र रहे हैं।
छह पाकिस्तानी फाइटर जेट्स किए थे ढेर
वायुसेना की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 6 पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को मार गिराया गया। इतना ही नहीं, पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम को भी ध्वस्त कर दिया गया, जिससे पड़ोसी देश की सैन्य क्षमता को तगड़ा झटका लगा। भारत की इस सटीक और साहसी कार्रवाई ने पाकिस्तान को कूटनीतिक और सैन्य दोनों स्तरों पर घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।
वीरता का सम्मान: 9 वायुसेना अधिकारी होंगे सम्मानित
सरकार द्वारा वीर चक्र से सम्मानित किए जाने वाले 9 योद्धाओं में अधिकतर लड़ाकू पायलट हैं, जिन्होंने मिशन को नेतृत्व प्रदान किया और आतंकियों के ठिकानों पर सटीक हमला किया। यह सम्मान न केवल उनके अद्भुत साहस को मान्यता देता है, बल्कि आने वाले समय में भारतीय सेनाओं के मनोबल को और ऊंचा करेगा।



