न्यूज़ डेस्क/ सर्वोदय न्यूज़ :- भगवान वेंकटेश्वर के प्रसिद्ध तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) में करीब 1,000 गैर-हिंदू कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने गहरी आपत्ति जताई है। उन्होंने इन नियुक्तियों को लेकर गंभीर जांच की मांग की और कहा कि ऐसे कर्मचारी जो सनातन धर्म में विश्वास नहीं रखते, उन्हें TTD जैसी पवित्र संस्था में स्थान नहीं मिलना चाहिए।
मंत्री का आरोप: तेलंगाना से भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में यह सवाल उठाया कि – “जो गैर-हिंदू भगवान वेंकटेश्वर में आस्था नहीं रखते, वे TTD में कैसे कार्यरत हैं? यह संस्था सिर्फ एक सरकारी नौकरी नहीं, बल्कि आस्था का केंद्र है।” उन्होंने बताया कि मंदिर आने वाले सभी गैर-हिंदू श्रद्धालुओं से आस्था की शपथ ली जाती है, तो फिर कर्मचारियों के लिए ऐसा नियम लागू क्यों नहीं होता?
बंदी संजय ने हाल में सामने आए एक मामले का भी जिक्र किया, जिसमें एक कर्मचारी को इसलिए निलंबित किया गया क्योंकि वह TTD में कार्यरत होने के बावजूद नियमित रूप से चर्च जा रहा था। उन्होंने सवाल किया कि – “अगर ऐसे कर्मचारी पहले नियुक्त किए गए थे, तो अब तक इसमें बदलाव क्यों नहीं किया गया?”
मंत्री ने आशंका जताई कि इन नियुक्तियों के पीछे कोई आंतरिक गड़बड़ी या नियमों का उल्लंघन हो सकता है। उन्होंने TTD बोर्ड में कार्यरत सभी गैर-हिंदू कर्मचारियों की संख्या और उनकी नियुक्ति प्रक्रिया की जांच की आवश्यकता जताई। “हिंदू श्रद्धालु इस विषय को लेकर चिंतित हैं, फिर भी अभी तक कोई ठोस जांच क्यों नहीं हुई?” — संजय कुमार
अपने जन्मदिन के अवसर पर बंदी संजय कुमार ने अपने परिवार के साथ तिरुमला जाकर भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन किए। उन्होंने देश में शांति, समृद्धि और सनातन धर्म की रक्षा के लिए प्रार्थना की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीर्घायु और कुशल नेतृत्व के लिए भी कामना की।जन्मदिन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, गृह मंत्री अमित शाह, और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। गृह मंत्री अमित शाह ने व्यक्तिगत रूप से फोन कर उन्हें बधाई दी।
अंत में मंत्री संजय कुमार ने देशभर के नागरिकों और श्रद्धालुओं से सनातन धर्म की रक्षा और TTD जैसी संस्थाओं की पवित्रता बनाए रखने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।



