न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- दिल्ली से सटे नोएडा में सोमवार सुबह वेतन वृद्धि की मांग को लेकर श्रमिकों का प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। नोएडा के फेज-2 औद्योगिक क्षेत्र में सैकड़ों अस्थायी कर्मचारियों ने जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की। हालात बिगड़ने पर पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने और लाठीचार्ज करना पड़ा।
कैसे भड़का विवाद?
शुरुआत में एक कंपनी के कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाने को लेकर विरोध शुरू किया, लेकिन देखते ही देखते अन्य कंपनियों के कर्मचारी भी इसमें शामिल हो गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया और कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया।
पुलिस के मुताबिक, सेक्टर 63, सेक्टर 62, सेक्टर 15, सूरजपुर, दादरी और ईकोटेक-1 समेत कई औद्योगिक इलाकों में सुबह से ही धरना-प्रदर्शन जारी था।
जाम से ठप हुआ ट्रैफिक
प्रदर्शन का असर यातायात पर भी पड़ा। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे समेत कई प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कर्मचारियों का क्या है आरोप?
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि लेबर कोड सही तरीके से लागू नहीं किया जा रहा| न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी नहीं की गई |8 घंटे की बजाय 12 घंटे काम कराने की शर्त रखी जा रही है |
एक महिला कर्मचारी ने बताया कि 25 साल की नौकरी के बाद भी उनका वेतन सिर्फ 13 हजार रुपये है, जबकि बढ़ोतरी का वादा किया गया था।
प्रशासन की क्या है प्रतिक्रिया?
अपर पुलिस आयुक्त राजीव नारायण मिश्र के अनुसार, स्थिति पर नजर रखी जा रही है और श्रमिकों को समझाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कई जगहों पर अलग-अलग हो रहा है और कोई स्पष्ट नेतृत्व नहीं होने से बातचीत में दिक्कत आ रही है।
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने श्रमिकों से शांति बनाए रखने और कानून हाथ में न लेने की अपील की है।
क्या बाहरी तत्व हैं जिम्मेदार?
कुछ औद्योगिक संगठनों का दावा है कि प्रदर्शन के पीछे बाहरी तत्वों का हाथ हो सकता है, जो श्रमिकों को भड़का रहे हैं। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रमिकों के अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
पलवल और फरीदाबाद में भी असर
नोएडा के अलावा पलवल और फरीदाबाद में भी कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
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पलवल में महिला कर्मचारियों ने दिल्ली-आगरा हाईवे जाम कर दिया|
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फरीदाबाद में कंपनी के बाहर सड़क जाम से यातायात प्रभावित रहा|



