न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के शमशाबाद क्षेत्र में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान कथावाचिका बाल विदुषी लक्ष्मी के कथित बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है। श्रीमद् भागवत कथा के मंच से कथावाचिका ने मुसलमानों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, जिनका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
क्या कहा कथावाचिका ने?
खेड़ा गांव में योगी यूथ ब्रिगेड धर्म रक्षा ट्रस्ट की ओर से आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के दौरान कथावाचिका लक्ष्मी ने मंच से कहा,“हर गांव में ऐसा बोर्ड लगना चाहिए जिस पर लिखा हो कि यहां मुसलमानों का प्रवेश वर्जित है।”
उन्होंने यह भी कहा कि,“मुसलमान हमारे धर्म में हस्तक्षेप करते हैं, खाने-पीने की चीज़ों में मिलावट करते हैं और युवतियों को निशाना बनाते हैं।”
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं
कथावाचिका के इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना हो रही है। कई यूज़र्स ने इसे “घृणा फैलाने वाला भाषण” बताया, तो कुछ ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमा से बाहर बताया। विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
कार्यक्रम का आयोजन और भीड़ की मौजूदगी
यह धार्मिक कथा योगी यूथ ब्रिगेड धर्म रक्षा ट्रस्ट द्वारा आयोजित की गई थी, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। कथावाचिका के बयान के बाद भीड़ से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
कानूनी और सामाजिक दृष्टिकोण से सवाल
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के बयान भारतीय दंड संहिता की धारा 153A (धर्म, जाति, जन्म स्थान के आधार पर शत्रुता को बढ़ावा देना) और अन्य प्रावधानों के अंतर्गत आ सकते हैं।
यह भी पढ़े:- Aaj Ka Rashifal 3 October 2025: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
सामाजिक कार्यकर्ताओं और धर्मनिरपेक्ष संगठनों ने ऐसे बयानों को समाज में नफरत फैलाने वाला और आपसी सौहार्द को नुकसान पहुंचाने वाला बताया है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
अब तक इस मामले में स्थानीय प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन सोशल मीडिया पर बढ़ते दबाव को देखते हुए जल्द ही कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।



