नई दिल्ली/सर्वोदय:- नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में दोनों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) की धाराओं के तहत अभियोजन शिकायत दर्ज की है।
विशेष लोक अभियोजक नवीन कुमार मट्टा ने यह आरोप-पत्र विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने की अदालत में पेश किया। इसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी के साथ यंग इंडियन कंपनी के निदेशक सैम पित्रोदा और सुमन दुबे सहित अन्य के नाम शामिल हैं। अदालत ने इस पर विचार के लिए अगली सुनवाई की तारीख 25 अप्रैल तय की है। आरोपियों को अब PMLA के तहत भी ज़मानत लेनी होगी।
क्या है नेशनल हेराल्ड मामला? जानिए स्थापना से विवाद तक की पूरी टाइमलाइन:
- 20 नवंबर 1937: एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की स्थापना।
- 9 सितंबर 1938: पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा नेशनल हेराल्ड अखबार की शुरुआत।
- 1962-63: बहादुर शाह जफर मार्ग पर AJL को भूमि आवंटित की गई।
- 22 मार्च 2002: मोतीलाल वोरा AJL के चेयरमैन नियुक्त किए गए।
- 2008: भारी घाटे के चलते अखबार का प्रकाशन बंद कर दिया गया।
- दिसंबर 2010: खुलासा हुआ कि AJL पर कांग्रेस के 90 करोड़ रुपये बकाया हैं।
- 2011: यंग इंडिया ने 50 लाख रुपये में AJL का 90 करोड़ का कर्ज खरीदा और फिर माफ कर दिया, जिससे यंग इंडिया का AJL पर नियंत्रण हो गया।
- 1 नवंबर 2012: सुब्रमण्यम स्वामी ने पटियाला हाउस कोर्ट में निजी शिकायत दर्ज की।
- 2014: ट्रायल कोर्ट द्वारा संज्ञान लेने के बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की।
- 2015: अदालत ने सोनिया और राहुल गांधी को नियमित ज़मानत दी।
- 2016: सुप्रीम कोर्ट ने कार्रवाई रद्द करने से इनकार किया।
- 2018: दिल्ली हाई कोर्ट ने AJL को हेराल्ड हाउस खाली करने का आदेश दिया।
- 1 जून 2022: ईडी ने गांधी परिवार से पूछताछ की।
इस मामले में अब सबकी निगाहें 25 अप्रैल पर टिकी हैं, जब कोर्ट यह तय करेगा कि आरोप पत्र पर संज्ञान लिया जाएगा या नहीं।



