न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मध्य प्रदेश के सतना जिले में नशा तस्करी का एक हाई-प्रोफाइल मामला सामने आया है। प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के सगे भाई अनिल बागरी को पुलिस ने गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के नेटवर्क से 46 किलो 134 ग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी कीमत लगभग 9.22 लाख रुपये आंकी गई है।
एडिशनल एसपी प्रेमलाल कुर्वे के अनुसार पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र के मरौहा गांव में बड़ी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ छिपाए गए हैं। इसके बाद 7–8 दिसंबर की रात पुलिस टीम ने मरौहा निवासी पंकज सिंह के घर छापा मारा। घर के बाहर रखी धान की बोरियों के नीचे से चार संदिग्ध बोरी मिलीं जिनमें 48 पैकेट गांजा रखा हुआ था।
पूछताछ में पंकज सिंह ने बताया कि यह पूरा माल मंत्री के भाई अनिल बागरी और उसके जीजा शैलेंद्र सिंह का है। इसके बाद पुलिस ने सोमवार को अनिल बागरी को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह शैलेंद्र सिंह चलाता था, जिसे यूपी के बांदा में 3 दिसंबर को गांजा तस्करी के केस में गिरफ्तार किया जा चुका है।
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सोमवार को अनिल बागरी और पंकज सिंह को विशेष एनडीपीएस अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 19 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। तीनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 8/20 और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है।
इस मामले में मंत्री के बहनोई शैलेंद्र सिंह का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। इससे पहले सिंहपुर पुलिस ने उसे नशीली कफ सिरप तस्करी में गिरफ्तार किया था, जिसमें करीब 5.5 करोड़ रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ था।
रैगांव की पूर्व विधायक कल्पना वर्मा ने इस घटना पर सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया है कि नशा-विरोधी अभियान चलाने वाली सरकार के ही मंत्री के रिश्तेदार नशा तस्करी में पकड़े जा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।



