नई दिल्ली/सर्वोदय :- पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव और पहलगाम आतंकी हमले के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा से जुड़ी बड़ी हलचल देखने को मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना को आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की पूरी छूट दे दी है। उच्चस्तरीय बैठक के बाद संकेत साफ हैं कि भारत एक बड़ा जवाब देने की तैयारी में है।
सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा, “आतंकवाद को करारा जवाब देना हमारा दृढ़ राष्ट्रीय संकल्प है। सेना को पूरी आज़ादी दी जाती है कि वह टारगेट, टाइमिंग और एक्शन का तरीका खुद तय करे।”
पीएम आवास पर हुई हाई लेवल मीटिंग
प्रधानमंत्री आवास पर हुई इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नेवी चीफ एडमिरल दिनेश त्रिपाठी और एयरफोर्स चीफ एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह मौजूद रहे।
बैठक करीब एक घंटे तक चली, जिसके बाद राजनाथ सिंह कुछ देर और पीएम मोदी के साथ रहे। यह बीते 12 घंटे में दोनों नेताओं की दूसरी मुलाकात थी और पहलगाम हमले के बाद चौथी।
CCS की बैठक भी बुलाई गई
बुधवार को प्रधानमंत्री ने कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक भी बुलाई है। सुरक्षा से जुड़े मामलों पर फैसले लेने वाली यह सर्वोच्च संस्था है। इस बैठक में आगे की रणनीति, खुफिया रिपोर्ट और संभावित जवाबी कार्रवाई पर चर्चा होगी।
सिर्फ आतंकी हमला नहीं, हो सकती है बड़ी साजिश
सरकार इस हमले को सिर्फ एक आतंकी घटना नहीं, बल्कि बड़ी साजिश का हिस्सा मान रही है। जिस प्रकार से हमला हुआ, उसकी टाइमिंग और टारगेट को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों की गहरी योजना हो सकती है।
भारत की कूटनीतिक और सैन्य रणनीति तेज
लगातार हो रही बैठकों और सेना को दी गई छूट से स्पष्ट है कि भारत अब रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक रणनीति अपनाने के मूड में है। मोदी सरकार ने संकेत दे दिए हैं कि अब आतंक के खिलाफ निर्णायक और स्थायी समाधान की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।



