लखनऊ/सर्वोदय:- बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर संगठनात्मक बदलाव करते हुए रामजी गौतम को पार्टी का राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया है। यह बदलाव आकाश आनंद को जिम्मेदारी से हटाने के बाद किया गया है। बुधवार को लखनऊ में आयोजित एक अहम बैठक में मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों को कई दिशा-निर्देश दिए और संगठन को कांशीराम के दौर की तरह मज़बूत बनाने पर बल दिया।
बैठक के दौरान मायावती ने कहा, “अगर हमें सरकार बनानी है तो अगले पांच महीनों में बूथ स्तर तक पार्टी की कमेटियों का गठन कर लिया जाए। जब संगठन ज़मीन पर दिखने लगेगा, तो हमें सत्ता में आने से कोई नहीं रोक सकता।”
आकाश आनंद को लेकर भी स्थिति साफ
पार्टी में कुछ समय से चल रही चर्चाओं पर विराम लगाते हुए मायावती ने आकाश आनंद की भूमिका को लेकर भी स्पष्ट बयान दिया। उन्होंने कहा, *”आकाश माफी मांगने आया था, इसलिए उसे पार्टी में वापस लिया गया है, लेकिन फिलहाल उसे कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।”*
धर्म और राजनीति पर दी सलाह
मायावती ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सरकारों को भी नसीहत दी। उन्होंने कहा, “सरकारें धर्म को कर्म नहीं, बल्कि कर्म को धर्म मानकर काम करें।” उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकारें कुछ विशेष क्षेत्र और वर्गों के हित में काम कर रही हैं, जो लोकतांत्रिक भावना के खिलाफ है।
दलित समाज के प्रति छलावा
बसपा प्रमुख ने डॉ. भीमराव आंबेडकर को लेकर मौजूदा राजनीतिक दलों की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “डॉ. आंबेडकर को उनकी जयंती पर याद करने की होड़ मची रहती है, लेकिन उनके अनुयायियों को प्रताड़ित किया जाता है। यह दर्शाता है कि ये सब दिखावा है, सच्चा सम्मान नहीं।”
दो मार्च की बैठक की समीक्षा
इस बैठक में मायावती ने दो मार्च को हुई पिछली बैठक में दिए गए दिशा-निर्देशों की प्रगति रिपोर्ट भी ली। पदाधिकारियों को खामियों को दूर कर तय लक्ष्यों को पूरा करने का सख्त निर्देश दिया गया।
आपको बता दें कि बसपा एक बार फिर से खुद को पुनर्गठित कर सत्ता में वापसी की तैयारी कर रही है। मायावती का ज़ोर जमीनी संगठन और कार्यकर्ता नेटवर्क को मज़बूत करने पर है। रामजी गौतम की नई भूमिका से पार्टी को कितना लाभ होगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।



