प्रयागराज/सर्वोदय न्यूज़:- माघ मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर संगम की रेती ने आस्था का नया इतिहास रच दिया। प्रशासन के मुताबिक रविवार रात तक 4 करोड़ 52 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में पुण्य स्नान किया। इसके साथ ही वर्ष 2013 के कुम्भ मेले में बने मौनी अमावस्या के स्नान रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया गया है।
वर्ष 2013 के कुम्भ मेले में मौनी अमावस्या के दिन करीब 3 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान का दावा किया गया था, जबकि इस बार माघ मेले में ही यह आंकड़ा कहीं अधिक पहुंच गया।
शनिवार रात से शुरू हुआ स्नान, रविवार को उमड़ा जनसैलाब
मौनी अमावस्या के महास्नान के लिए श्रद्धालुओं का आगमन शनिवार रात से ही शुरू हो गया था। आधी रात से लेकर रविवार सुबह तक संगम क्षेत्र में घना कोहरा छाया रहा, लेकिन आस्था का सैलाब कोहरे को चीरता हुआ संगम की ओर बढ़ता रहा।
सुबह नौ बजे के बाद संगम क्षेत्र में हर तरफ श्रद्धालुओं का हुजूम दिखाई देने लगा। संगम नोज पर बढ़ते दबाव को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं को काली पांटून पुल के माध्यम से झूंसी की ओर डायवर्ट किया, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
घंटे-दर-घंटे बढ़ता गया स्नान का आंकड़ा
प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार—
- सुबह 8 बजे तक: लगभग 1.5 करोड़
- दोपहर 12 बजे तक: 3.15 करोड़
- शाम 4 बजे तक: 3.83 करोड़
- शाम 6 बजे तक: 4.36 करोड़
- रात 8 बजे के बाद अंतिम आंकड़ा: 4.52 करोड़ श्रद्धालु
संगम नोज पर गृह सचिव मोहित गुप्ता, मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार, डीएम मनीष कुमार वर्मा, मेलाधिकारी ऋषिराज और मेला एसपी नीरज पांडेय स्वयं व्यवस्थाओं की निगरानी करते नजर आए।
दो दिनों में 6 करोड़ से अधिक स्नानार्थी
यदि शनिवार और रविवार के आंकड़ों को जोड़ा जाए, तो दो दिनों में 6 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके हैं। यह संख्या कुम्भ मेला 2019 के मौनी अमावस्या स्नान आंकड़े से भी अधिक बताई जा रही है।
हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा, श्रद्धालु हुए भावविभोर
रविवार सुबह करीब 10 बजे संगम नोज पर एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला। संगम में स्नान कर रहे श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई। जैसे ही फूलों की वर्षा शुरू हुई, श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम और हर-हर गंगे के उद्घोष लगाए। दोपहर तक कई चरणों में पुष्पवर्षा की गई।
प्रशासन का बयान
मेलाधिकारी ऋषिराज ने बताया कि मौनी अमावस्या का स्नान पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता के लिए सभी विभाग अलर्ट मोड पर रहे।
अयोध्या में भी उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
मौनी अमावस्या के अवसर पर अयोध्या में लगभग 2.5 लाख श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन किए। पूरे रामधाम में श्रद्धालुओं की संख्या 5 लाख से अधिक आंकी गई।
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राम जन्मभूमि परिसर के अनुसार, दो दिनों में करीब 4.40 लाख राम भक्त दर्शन के लिए पहुंचे।
पिछले वर्षों में मौनी अमावस्या पर स्नान के आंकड़े
| वर्ष | अवसर | श्रद्धालु |
|---|---|---|
| माघ मेला 2026 | 18 जनवरी | 4.52 करोड़ |
| महाकुम्भ 2025 | 29 जनवरी | 7.64 करोड़ |
| माघ मेला 2024 | 9 फरवरी | 2.18 करोड़ |
| माघ मेला 2023 | 21 जनवरी | 2.09 करोड़ |
| कुम्भ मेला 2019 | 4 फरवरी | 5 करोड़ |



