न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने भाजपा को लेकर बड़ा राजनीतिक दावा किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से हटाने के लिए विपक्ष को 2029 के लोकसभा चुनाव तक इंतजार करने की जरूरत नहीं है। ममता बनर्जी ने विपक्षी दलों से एकजुट होकर मौजूदा राजनीतिक मुद्दों पर मिलकर संघर्ष करने की अपील की। उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा है कि इस बार भाजपा जाएगी और “खेल शुरू हो चुका है।”
ममता बनर्जी का यह बयान विपक्षी दलों की उस बैठक के एक दिन बाद आया है, जिसमें दिल्ली में करीब साढ़े तीन घंटे तक चर्चा हुई थी। बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर निर्वाचन आयोग के खिलाफ आगे की रणनीति पर विचार किया गया। विपक्ष ने देशभर में लोकतंत्र बचाओ कार्यक्रम आयोजित करने, छह अक्टूबर को विपक्षी सांसदों के निर्वाचन आयोग कार्यालय तक मार्च और राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मांगने जैसे कार्यक्रमों पर सहमति जताई है।
‘2029 तक इंतजार करने की जरूरत नहीं’
एक संवाददाता सम्मेलन में ममता बनर्जी ने कहा कि विपक्ष को 2029 के चुनाव का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “हमें विश्वास है कि इस बार भाजपा जाएगी और हमें 2029 तक इंतजार करने की जरूरत नहीं है। देखिए क्या होता है। खेल शुरू हो चुका है।”
उन्होंने कहा कि फिलहाल विपक्ष को निर्वाचन आयोग के कामकाज समेत उन मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए, जिन्हें लेकर राजनीतिक संघर्ष चल रहा है। ममता के मुताबिक विपक्षी दलों को इन मुद्दों पर एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए।
चुनाव आयोग को लेकर ममता का निशाना
ममता बनर्जी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधा। उन्होंने उन्हें “वैनिश कुमार” कहते हुए आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर लोगों के अधिकारों पर सवाल खड़े हुए हैं। ममता ने कहा कि चुनाव प्रणाली में सुधार की जरूरत है और विपक्ष को मिलकर इसके लिए आवाज उठानी चाहिए।
उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों का जिक्र करते हुए भाजपा की चुनावी जीत पर भी सवाल उठाए। हालांकि, उनके इन दावों को उनके राजनीतिक रुख और आरोप के रूप में देखा जाना चाहिए।
‘मैं ज्योतिषी नहीं हूं’
ममता बनर्जी ने मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव को लेकर भी टिप्पणी की, लेकिन कोई निश्चित समयसीमा बताने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह बदलाव दो महीने, तीन महीने या छह महीने में हो सकता है। उन्होंने कहा, “मैं ज्योतिषी नहीं हूं। लेकिन मुझे लगता है कि बहुत जल्द आपको अच्छी खबर मिलेगी।”
इंडिया गठबंधन के साथ रहने का दावा
टीएमसी प्रमुख ने साफ किया कि उनकी पार्टी ‘इंडिया’ गठबंधन के साथ बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि गठबंधन की रणनीति और फैसले सामूहिक रूप से लिए जाएंगे। ममता ने कहा कि गठबंधन जो भी फैसला करेगा, उनकी पार्टी उसका सम्मान करेगी और सभी दल मिलकर काम करेंगे।
उन्होंने मतदाता सूची और वोट देने के अधिकार से जुड़े मुद्दे पर भी केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा। ममता ने कहा कि जिन लोगों पर जनता के वोट देने के अधिकार को प्रभावित करने का आरोप है, उन्हें देश की जनता माफ नहीं करेगी।
चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण पर सवाल
ममता बनर्जी ने 2023 में बनाए गए कानून के तहत मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों को मिले कानूनी संरक्षण के प्रावधान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए।
ममता बनर्जी के बयान ऐसे समय आए हैं जब एसआईआर को लेकर विपक्षी दल निर्वाचन आयोग की भूमिका पर लगातार सवाल उठा रहे हैं और इस मुद्दे पर संयुक्त आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं।


