न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में Jal Jeevan Mission के तहत निर्मित पानी की टंकी से पानी गिरने का मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। टेस्टिंग के दौरान टंकी से तेज बहाव में पानी गिरने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा। वहीं प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
अफसरों का दावा- टंकी फूटी नहीं, ओवरफ्लो हुआ
नगाराडांग गांव में बनी इस टंकी के संबंध में जल निगम ग्रामीण के अधिकारियों ने ‘टंकी फटने’ की खबरों का खंडन किया है। अधिशासी अभियंता कार्यालय की ओर से कराई गई जांच में कहा गया कि संरचना में कोई तकनीकी खराबी नहीं मिली। अधिकारियों के मुताबिक, टेस्टिंग के दौरान टंकी ओवरफ्लो हो गई थी, जिस कारण पानी बाहर गिरता दिखाई दिया।
डीएम ने गठित की तीन सदस्यीय जांच टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी Gazal Bhardwaj ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। टीम में अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे), लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता और मौदहा बांध के अधिशासी अभियंता को शामिल किया गया है। टीम को मौके पर जाकर विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस बीच ठेकेदार द्वारा टंकी की मरम्मत का कार्य भी शुरू करा दिया गया है।
विपक्ष का हमला
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav ने घटना को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार का बोझ टंकी नहीं उठा पाई और इसे “कमीशन मिशन” करार दिया।
वहीं कांग्रेस ने भी केंद्र की Narendra Modi सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस योजना में करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग
ग्राम प्रधान और स्थानीय ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर टेस्टिंग के दौरान ही इस तरह की स्थिति सामने आ रही है तो भविष्य में बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
यह भी पढ़े:- राजपाल यादव के बाद अब अमीषा पटेल पर भी कानूनी शिकंजा, नॉन-बेलेबल वारंट जारी होने के
अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्माण में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित पक्षों पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले ने जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक सियासी हलचल तेज कर दी है।



