न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- प्रयागराज में आयोजित माघ मेला के दौरान साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। अब तक 152 साधु-संतों ने खुद की जान को खतरा बताते हुए मेला पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है। इन प्रार्थना पत्रों पर विचार के बाद पुलिस ने 75 संतों को सुरक्षा उपलब्ध करा दी है, जबकि बाकी आवेदनों की जांच जारी है।
मेला पुलिस के अनुसार, जिन संतों को सुरक्षा दी गई है, उनमें से 40 साधु-संतों को व्यक्तिगत गनर उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि 35 के साथ होमगार्ड जवानों की तैनाती की गई है। पुलिस का कहना है कि हर आवेदन की गंभीरता से जांच की जा रही है और वास्तविक खतरे की आशंका होने पर ही सुरक्षा प्रदान की जा रही है।
बाकी आवेदनों की गहन जांच जारी
मेला पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शेष 75 प्रार्थना पत्रों की गहन जांच की जा रही है। इसमें संतों को मिले कथित खतरे, पूर्व में हुई घटनाएं और उनकी गतिविधियों को आधार बनाया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की सुरक्षा व्यवस्था पर निर्णय लिया जाएगा।
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प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि माघ मेला क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है और किसी भी संत की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा। इससे पहले महाकुंभ मेला के दौरान भी बड़ी संख्या में साधु-संतों को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई गई थी।
किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर पर हो चुका है हमला
गौरतलब है कि महाकुंभ मेले के दौरान किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर कल्याणी नंद गिरि और उनके शिष्यों पर मेला क्षेत्र में जानलेवा हमला किया गया था। आशीर्वाद मांगने के बहाने महामंडलेश्वर की गाड़ी रुकवाकर चाकू और डंडों से हमला किया गया था, जिसमें महामंडलेश्वर समेत चार लोग घायल हो गए थे।
इसके अलावा किन्नर अखाड़े के शिविर में भी मारपीट और लूटपाट की घटनाएं सामने आई थीं। इन्हीं घटनाओं के बाद से मेला क्षेत्र में संतों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।
क्या बोले माघ मेला एसपी
माघ मेला एसपी नीरज पांडेय ने बताया कि माघ मेला में डेढ़ सौ से अधिक साधु-संतों ने सुरक्षा की मांग की है। अब तक 75 संतों को सुरक्षा प्रदान की जा चुकी है और शेष आवेदनों का परीक्षण किया जा रहा है।



