लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को आज उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट से एक बड़ी राहत मिली है। लखनऊ स्थित जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट को आवंटित बंगला नंबर 7, विक्रमादित्य मार्ग को खाली कराने के सरकारी आदेश पर कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है।यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मनीष कुमार की खंडपीठ ने दिया है। कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि फिलहाल बंगला खाली कराने की कार्रवाई पर रोक रहेगी।
आपको बतादें कि जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट को यह बंगला 30 जनवरी 2017 को 72 हजार रुपए मासिक किराए पर आवंटित किया गया था। आवंटन की शुरुआत में अवधि 5 साल तय की गई थी।जिसे बाद में संपत्ति विभाग ने अपने विनियमों के तहत बढ़ाकर 10 साल कर दिया था। ट्रस्ट की ओर से दायर याचिका में बंगले के आवंटन को नियमों के तहत बताते हुए उसे निरस्त करने या खाली कराने की कार्रवाई को चुनौती दी गई थी।
हाईकोर्ट का फैसला: बंगला फिलहाल नहीं खाली होगा
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ, जिसमें न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मनीष कुमार शामिल हैं, ने जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए स्थिति को यथावत बनाए रखने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बंगले को खाली कराने की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित रहेगी।
बंगला आवंटन की पृष्ठभूमि:
- बंगला संख्या 7, विक्रमादित्य मार्ग, 30 जनवरी 2017 को ₹72,000 मासिक किराए पर ट्रस्ट को आवंटित हुआ था।
- प्रारंभ में 5 वर्षों के लिए आवंटन हुआ था, जिसे बाद में संपत्ति विभाग द्वारा अपने विनियमों के तहत 10 वर्षों तक के लिए बढ़ा दिया गया।
- सरकार ने हाल ही में इस आवंटन को रद्द करते हुए बंगला खाली कराने का आदेश जारी किया था।
- ट्रस्ट ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी, जिसे कोर्ट ने फिलहाल स्वीकार करते हुए रोक लगा दी।
ट्रस्ट की दलील
जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि:
- बंगला का आवंटन पूरी तरह नियमों के तहत किया गया था।
- संपत्ति विभाग की कार्यवाही एकतरफा और अनुचित है।
- आवंटन रद्द करने व खाली कराने की कार्रवाई न्यायिक समीक्षा योग्य है।
Special Report- Hari Ram


