न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बरेली हिंसा के बाद उठी सियासी और सामाजिक प्रतिक्रियाएँ अभी थमी भी नहीं थीं कि करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल सिंह अम्मू के बयान ने फिर से हलचल मचा दी। अलीगढ़ में शस्त्र पूजन के दौरान अम्मू ने तौकीर रजा और कुछ राजनीतिक नेताओं को लेकर ऐसे शब्द कहे जो फटकार और आलोचना का कारण बने हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग “माहौल बिगाड़ने” की कोशिश कर रहे हैं और ऐसे लोगों को देश के भीतर जगह नहीं होनी चाहिए — बयान में प्रयुक्त भाषा विवादास्पद और विभाजनकारी रही है।
करणी सेना अध्यक्ष सूरजपाल सिंह अम्मू ने कहा कि अगर तौकीर रजा करणी सेना के हाथ लग गए तो उन्हें “स्कूली बच्चों की तरह मुर्गा बनाकर कूकड़ू-कूं कराएंगे।” आगे उन्हीने कहा कि बरेली में हुए बवाल के बाद अखिलेश यादव ट्वीट कर दंगाइयों का साथ दे रहे हैं। उन्हें मौके पर जाकर हालात समझने चाहिए था। अगर उनके ऊपर भी कुछ पत्थर बरसते तो उन्हें एहसास होता कि दंगे का दर्द क्या होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश पहले आगरा में रामजीलाल को छोड़ चुके, अब तौकीर रजा जैसे लोगों के जरिए माहौल बिगाड़ रहे हैं। तौकीर रजा को सरकार ने जेल भेजा है, लेकिन अगर करणी सेना का आमना-सामना हुआ तो उसके पुर्जे बदल दिए जाएंगे। देश में कुछ लोगों में अभी भी पाकिस्तानी खून बचा हुआ है। यही लोग माहौल खराब करने की कोशिश करते हैं। ऐसे लोगों को भारत में नहीं, बल्कि पड़ोसी देश में जाना चाहिए।
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आजम खान पर भी तंज कसते हुए कहा कि ऐसे लोगों का राजनीति में कोई स्थान नहीं होना चाहिए। आजम खान जेल से रिहा हो रहे थे तो उन्हें यह डर लग रहा था कि कहीं उनकी गाड़ी भी न पलट जाए। वहीं, आई लव मोहम्मद के नारे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हमें इससे कोई दिक्कत नहीं, लेकिन हमें सनातन अच्छा लगता है, इसलिए वी लव सनातन पोस्टर जारी किए हैं। करणी सेना किसी विशेष सरकार के पक्ष में नहीं है, जो भी सरकार दंगाइयों पर कार्रवाई करेगी, वह उसकी सराहना करेंगे। शस्त्र पूजन के महत्व पर कहा कि शस्त्र पूजन जरूरी है, क्योंकि पूजा से शस्त्र नए बने रहते हैं और उनमें जंग नहीं लगता।
सूरजपाल सिंह अम्मू ने कहा कि जब एएमयू में नमाज हो सकती है तो दुर्गा पूजा क्यों नहीं? इसलिए कार्यकता तैयारी करें। एएमयू से जिन्ना की तस्वीर भी हटनी चाहिए। जिन्ना का कोई प्रतीक इस देश में नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि अलीगढ़ का नाम हरिगढ़ नहीं होता है तो सांसद, विधायक के कार्यालयों का घेराव कर दो।



