झांसी के बचेरा गांव में एक महिला सिपाही और दारोगा के अंतरजातीय विवाह पर पंचायत ने 20 लाख रुपये जुर्माना लगाया और परिवार का बहिष्कार किया. पंचायत ने अन्य लोगों को भी चेतावनी दी है.
उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहां अंतरजातीय विवाह करने पर पंचायत ने तुगलकी फरमान सुनाते हुए महिला सिपाही के परिवार का हुक्का-पानी बंद कर दिया. पंचायत अन्य लोगों को चेतावनी दी है कि अगर किसी ने इनसे मतलब रखा तो उसे भी पंचायत का दंड भुगतना होगा. इसके अलावा उसके ऊपर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया जाएगा.
इक्कसवीं सदी में भी अन्तरजातीय विवाह पर समाज की दकियानूस सोच हावी है, जो इसे आसानी से नहीं स्वीकार कर पाती. खासतौर पर गांवों में, जहां ऐसे मामलों पर पंचायत भी अजब-गजब फैसले सुना देती है. ऐसे मामलों की श्रृंखला में अब एक ताजा घटनाक्रम जुडा है, जिसमें झांसी के बचेरा गांव में पंचायत का गुस्सा महिला सिपाही और दारोगा के अन्तरजातीय विवाह पर फूटा.



