नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- देश के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। इस मौके पर पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी समारोह में शामिल हुए, जो 22 जुलाई को अपने पद से अचानक इस्तीफा देने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से नजर आए।
धनखड़ की अनुपस्थिति को लेकर विपक्ष की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे थे। उनकी आज की मौजूदगी ने सभी कयासों और अफवाहों पर विराम लगा दिया है। वह समारोह में पूर्व राष्ट्रपतियों वेंकैया नायडू और हामिद अंसारी के साथ बैठे नजर आए।
समारोह में दिखी बड़ी नेताओं की मौजूदगी
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
इसके अलावा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी, उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन माझी, कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने भी समारोह में शिरकत की।
9 सितंबर को हुआ था चुनाव, राधाकृष्णन को 452 वोट
उपराष्ट्रपति चुनाव 9 सितंबर को हुआ था, जिसमें एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन को 452 वोट मिले। उनके मुकाबले विपक्ष के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट ही प्राप्त हो सके।
राधाकृष्णन का राजनीतिक सफर
राधाकृष्णन शपथ लेने से पहले महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में कार्यरत थे। अब उनके इस्तीफे के बाद महाराष्ट्र के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को सौंपा गया है।
तमिलनाडु की राजनीति में उन्हें “मोदी ऑफ तमिलनाडु” के नाम से जाना जाता है। वह कोयंबटूर लोकसभा सीट से दो बार सांसद रह चुके हैं और भाजपा की तमिलनाडु इकाई के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
मुहूर्त देखकर तय हुआ शपथ समारोह
एनडीए सूत्रों के मुताबिक, राधाकृष्णन का शपथ ग्रहण विशेष मुहूर्त में आयोजित किया गया था, जिससे उनके कार्यकाल की शुभ शुरुआत हो सके।



